By, Shrikant Pratyush
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जमानत तो मिल गई है लेकिन फिर भी जेल से बाहर नहीं आ सकेंगे लालू प्रसाद यादव

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सबके जेहन में यह सवाल उठ रहा होगा कि क्या नियमित जमानत मिलने के बाद लालू यादव जेल से बाहर हो जायेंगे. जबाव ये है कि जमानत मिलने के बाद लालू का जेल से फिलहाल निकलना मुश्किल है. वो चारा घोटाले से जुड़े मामले में सजायाफ्ता हैं और फिलहाल रांची के के एक मामले में वे पहले ही सजायाफ्ता हैं.

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जमानत तो मिल गई है लेकिन फिर भी जेल से बाहर नहीं आ सकेंगे लालू प्रसाद यादव

सिटी पोस्ट लाइव : RJD सुप्रीमो LALOO PRASAD YADAV यादव को(IRCTC) आईआरसीटीसी घोटाले से जुड़े एक मामले में सोमवार को नियमति जमानत मिल गई है. इस मामले में अभियुक्त बने उनके बेटे TEJASHVI YADAV और RABRI DEVI को भी   सोमवार को दिल्ली की एक अदालत ने नियमित जमानत दे दी है. सबके जेहन में यह सवाल उठ रहा होगा कि क्या नियमित जमानत मिलने के बाद लालू यादव जेल से बाहर हो जायेंगे. जबाव ये है कि जमानत मिलने के बाद लालू का जेल से फिलहाल निकलना मुश्किल है. वो चारा घोटाले से जुड़े मामले में सजायाफ्ता हैं और फिलहाल रांची के के एक मामले में वे पहले ही सजायाफ्ता हैं. इसके अलावा भी चारा घोटाले के कई और केस उन पर चल रहे हैं. इसलिए अभी उनका जेल से बाहर निकलना मुश्किल है.

गौरतलब है कि 71 साल के लालू यादव ने अपनी तबियत और गंभीर बीमारियों का हवाला देते हुए अपनी बीमारी के बेहतर इलाज के लिए जमानत की मांग की है. उन्‍होंने कहा है कि वे क्रॉनिक किडनी, हर्ट और डायबीटिज समेत करीब 11 गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं लेकिन कोर्ट ने लालू की इस अर्जी को नकार दिया.लालू यादव को देवघर ट्रेजरी मामला (आरसी 64 ए/96)- 23 दिसम्बर 2017 को दोषी करार। 6 जनवरी 2018 को लालू समेत 16 आरोपियों को साढ़े तीन साल की सजा सुनाई गई थी.चाईबासा ट्रेजरी मामला (आरसी 68 ए/96) – 24 जनवरी 2018 को लालू दोषी करार देते हुए उन्हें पांच साल की सजा सुनाई गई है.दुमका ट्रेजरी मामला (आरसी 38 ए/96): मार्च 2018 में लालू यादव दोषी करार, पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्र बरी हुए. 24 मार्च को लालू को 7-7 साल की सजा सुनाई गई. दोनों सजाएं अलग-अलग चलेंगी, यानि कुल 14 साल लालू यादव को जेल में रहना होगा.

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लालू प्रसाद यादव और उनका परिवार बेनामी संपत्ति के मामले में पहले से ही भारतीय जांच एजेंसियों के रडार पर है. लालू प्रसाद यादव पर ये भी आरोप है कि उन्होंने अपने और परिवार के प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए बेनामी संपत्ति अर्जित की है.बेनामी संपत्ति को लेकर उनके परिवार के अन्य सदस्यों पर भी आरोप लगे हैं. इस फेरहिस्त में लालू-राबड़ी-तेजस्वी-तेजप्रताप के साथ-साथ मीसा का भी नाम है. इस पूरे मामले में लालू प्रसाद यादव की बड़ी बेटी मीसा भारती और दामाद शैलेश कुमार पर भी लगे आरोपों की जांच चल रही है.दिल्ली की कोर्ट ने रेलवे होटल टेंडर मामले में उन्हें और उनकी पत्नी राबडी देबी और पुत्र तेजस्वी यादव को नियमित जमानत तो दे दी है. राबडी देबी और तेजस्वी यादव के लिए तो यह राहत की बात है. लेकिन फिर भी चुनाव में लालू यादव जेल से बाहर नहीं निकल पायेगें.

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