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लालू यादव ने नीतीश कुमार पर साधा निशाना, लिखा-‘यहां तो कोरोना भी अपनी मौत मर जाएगा.

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सिटी पोस्ट लाइव :बिहार के ग्रामीण ईलाकों के स्वास्थ्य उपकेंद्रों में कोरोना के ईलाज की व्यवस्था तो दूर वहां ताला जड़ा हुआ है. कोरोना संक्रमण अब तेजी से शहरी क्षेत्रों के बाद ग्रामीण क्षेत्र में फैल रहा है. ऐसे में बिहार में स्वास्थ्य सुविधाओं की असलियत सामने आने लगी है. विपक्ष भी बदहाल हेल्थ सिस्टम को लेकर सरकार पर हमलावर है.बिहार के बौंसी प्रखंड के बभनगामा के  स्वास्थ्य उपकेंद्र के कबाड़ में तब्दील होने को लेकर RJD सुप्रीमो लालू यादव ने सरकार पर जमकर निशाना साधा है.वर्षों पहले बने इस स्वास्थ्य केंद्र पर मरीजों का इलाज नहीं होता है. यह पीएचसी सिर्फ ‘हाथी दांत’ साबित हो रहा है.

स्वास्थ्य उपकेंद्र होते हुए भी स्थानीय लोगों को इलाज कराने के लिए कई किलोमीटर दूर निजी अस्पतालों में जाना पड़ता है. लाख शिकायत करने के बावजूद स्थानीय प्रशासन की नजरें इस तरफ नहीं जाती हैं. दरअसल, ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधा बेहतर करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार सुविधा के नाम पर पानी की तरह पैसा बहा रही है. लेकिन विभागीय खामियां व्यवस्था पर हावी हैं. नीतीश कुमार और स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डेय पर निशाना साधते हुए  आरजेडी ने ट्वीट कर कहा कि ‘सीएम नीतीश कुमार और स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डेय ने अपने सरकारी आवास में अपने लिए छोटा कोविड अस्पताल बना लिया है! बाकी लोग इस बांका जिले के बौंसी प्रखंड के बभनगामा के स्वास्थ्य केंद्र जैसों में जाकर, सिस्टम की दीवारों पर माथा फोड़ फोड़कर अपना इलाज करवाएं!’

RJD के ट्वीट को रिट्वीट करते हुए राजद सुप्रीमो लालू यादव ने लिखा कि ‘यहां जाकर तो कोरोना भी अपनी मौत मर जाएगा. इसलिए तो नीतीश कुमार ने हमारे बनाए हुए ऐसे हजारों स्वास्थ्य केंद्र बंद करवा दिए लेकिन कागजों में चालू रखा है ताकि इनका लूट अभियान जारी रहे.’दरअसल कोरोना की वजह से बिहार में हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर की पोल खुल गई है. जब मरीजों की संख्या बढ़ने लगी तो छोटे-छोटे हेल्थ सेंटर और एंबुलेंस की खोज होने लगी. आमलोग स्वास्थ्य से जुड़ी चीजों के लिए परेशान होने लगे तो राजनीतिक पार्टियों का ध्यान भी इस ओर गया. सियासी पार्टियां अब वैसे अस्पतालों को ढूंढने में लगी जो ग्राउंड पर तबेला बन चुका है मगर सरकारी रिकॉर्ड में जिन्दा है

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