By, Shrikant Pratyush
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मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा-लालू यादव के चुनाव प्रचार से नहीं पड़ेगा कोई फर्क

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30 अक्‍टूबर को होनेवाले बिहार में विधानसभा की 2 सीटों के उप-चुनाव को लेकर जोरशोर से चुनाव प्रचार चल रहा है. मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार ने पहली चुनावी सभा में राष्‍ट्रीय जनता दल (RJD) के अध्‍यक्ष लालू प्रसाद यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि लालू यादव के चुनाव प्रचार से कोई फर्क नहीं पड़ता है.

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सिटी पोस्ट लाइव : 30 अक्‍टूबर को होनेवाले बिहार में विधानसभा की 2 सीटों के उप-चुनाव को लेकर जोरशोर से चुनाव प्रचार चल रहा है. मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार ने पहली चुनावी सभा में राष्‍ट्रीय जनता दल (RJD) के अध्‍यक्ष लालू प्रसाद यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि लालू यादव के चुनाव प्रचार से कोई फर्क नहीं पड़ता है. वह तो पहले भी जे से चुनाव प्रचार करते रहे हैं.चुनावी जनसभा में मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार ने विकास के एजेंडे को जनता के सामने रखा. साथ ही लालू यादव और राबड़ी देवी के शासनकाल के 15 साल और एनडीए के 15 साल की सरकार की तुलना कर दोनों के बीच फर्क बताने का प्रयास किया.

सीएम नीतीश कुमार ने सबसे पहले जनता को यह बताने का प्रयास किया कि आख़िर उपचुनाव क्‍यों हो रहे हैं. दरअसल, तेजस्वी यादव जनता के बीच यह लगातार कहते आ रहे हैं कि अगर बिहार में स्वास्थ व्यवस्था का हाल ठीक रहता तो मेवालाल की मौत नही होती.मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि तारापुर में उपचुनाव की नौबत इसलिए आई क्योंकि मेवालाल चौधरी का कोरोना की वजह से निधन हो गया था. उन्‍होंने कहा कि मेवालाल चौधरी काफी विद्वान व्यक्ति थे. मेवालाल चौधरी और उनकी पत्नी यहां से विधायक निर्वाचित हुए थे. उनके दोनों बेटे विदेश में रहते हैं और वे चुनाव लड़ने के इच्‍छुक नहीं थे.

नीतीश कुमार ने यह भी बताने की कोशिश की कि राजीव कुमार एनडीए के उम्मीदवार हैं और इसका ऐलान एनडीए के नेताओं ने मिलकर किया है. यानी NDA पूरी तरह से एकजुट है. इसके बाद लगे हाथों नीतीश कुमार ने जनता से आग्रह करते हुए कहा कि वे एकजुट होकर मतदान करें. सीएम ने कहा क पति-पत्‍नी को 15 साल मौका मिला था. इस दौरान उन्‍होंने क्‍या किया? बिहार में आज हमें मौका मिला है तो हमने बिहार को आगे बढ़ाया है, सबका विकास किया है और पति-पत्नी की सरकार ने हमेशा अपने परिवार की चिंता की.

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मुख्‍यमंत्री ने कहा कि साल 2005 के बाद महिलाओं को पंचायती राज में हमारी सरकार ने 50% आरक्षण दिया. उन्‍होंने पूछा कि 16 साल पहले कितने लोग स्कूल में पढ़ते थे? गरीबी के कारण लोग अपनी बच्चियों को स्कूल नहीं भेजते थे. साइकिल योजना से लड़कियों को हाई स्कूल में जाने का मौका मिला. सीएम नीतीश ने कहा कि शुरुआत में साइकिल योजना का काफी विरोध हुआ था. उन्‍होंने जनसभा में कहा कि मैट्रिक और इंटर की परीक्षा में लड़कियों की संख्या काफी बढ़ी है. सीएम ने बताया कि क्षेत्रफल के लिहाज से देश में बिहार का स्थान 12वां है, लेकिन जनसंख्‍या के मामले में प्रदेश तीसरे नंबर पर है. आबादी को बढ़ने से रोकने के लिए हमने लड़कियों को उच्‍च शिक्षा देना शुरू किया. इसका असर अब जनसंख्या नियंत्रण में दिख रहा है.

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