By, Shrikant Pratyush
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लालू के लिए जमानत आसान नहीं, सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई से पहले सीबीआई ने किया विरोध

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जेल से बाहर आना राजद सुप्रीमो लालू यादव के लिए आसान नहीं है। उनकी जमानत याचिका झारखंड हाईकोर्ट से पहले हीं खारिज हो चुकी है। वहां से राहत नहीं मिली तो लालू यादव ने सुप्रीम कोर्ट में जमानत के लिए अर्जी दी। जमानत की वजह यह बतायी गयी है कि चंूंकी लालू यादव राष्ट्रीय जनता दल के सुप्रीमो हैं इसलिए चुनाव में उन्हें प्रत्याशियों को सिंबल बांटना होगा और बतौर अध्यक्ष चुनाव में उनकी जरूरत उनकी पार्टी को होगी इसलिए उन्हें जमानत दी जाए।

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लालू के लिए जमानत आसान नहीं, सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई से पहले सीबीआई ने किया विरोध

सिटी पोस्ट लाइवः जेल से बाहर आना राजद सुप्रीमो लालू यादव के लिए आसान नहीं है। उनकी जमानत याचिका झारखंड हाईकोर्ट से पहले हीं खारिज हो चुकी है। वहां से राहत नहीं मिली तो लालू यादव ने सुप्रीम कोर्ट में जमानत के लिए अर्जी दी। जमानत की वजह यह बतायी गयी है कि चंूंकी लालू यादव राष्ट्रीय जनता दल के सुप्रीमो हैं इसलिए चुनाव में उन्हें प्रत्याशियों को सिंबल बांटना होगा और बतौर अध्यक्ष चुनाव में उनकी जरूरत उनकी पार्टी को होगी इसलिए उन्हें जमानत दी जाए।

साथ हीं लालू यादव ने जमानत के लिए अपनी बीमारी का हवाला भी दिया है। लालू की ओर से दाखिल याचिका में कहा गया है कि अस्पताल में रहकर उनका इलाज संभव नहीं है इसलिए भी उन्हें जमानत मिलनी चाहिए। लालू यादव की जमानत याचिका पर कल सुप्रीम कोर्ट का फैसला आना है उससे पहले आज 9 अप्रैल को सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर किया है। हलफनामे में सीबीआई ने कहा कि लालू प्रसाद यादव अस्पताल से राजनीतिक गतिविधियों का संचालन कर रहे हैं.

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लालू आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर जमानत मांग रहे हैं. वह अब मेडिकल आधार पर जमानत मांगकर कोर्ट को गुमराह कर रहे हैं. इस मामले पर कल सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगा.सीबाआई ने कहा कि लालू यादव को अपनी राजनीतिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए जमानत नहीं मिलनी चाहिए. यदि सभी दंडों की गणना संचयी रूप से की जाए तो लालू को 3.5 साल की सजा नहीं हुई है बल्कि 27.5 साल की जेल हुई है. वो जेल में न रहकर अस्पताल के विशेष वार्ड में रहते हैं. एक राज्य के सीएम के रूप में लालू की नापाक हरकत ने पूरे देश की अंतरात्मा को हिला कर रख दिया.बता दें कि लालू प्रसाद यादव ने उम्र और बीमारी का हवाला देकर सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका दायर की है.

उन्होंने एसएलपी दायर कर कहा है कि वे 71 साल के बुजुर्ग हैं, साथ ही एक राजनीतिक पार्टी राष्‍ट्रीय जनता दल के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष भी हैं. ऐसे में लोकतंत्र के महापर्व लोकसभा चुनाव 2019 में अपनी बड़ी भूमिका है. लालू के समर्थकों को उम्मीद है कि वे जमानत पर छूट जाएंगे.

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