By, Shrikant Pratyush
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राज्य सरकार में बिचैलिए हावी, राजधानी में हो रही जमीन की लूट: दीपक प्रकाश

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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सांसद दीपक प्रकाश ने प्रेस वार्ता कर सत्ता के संरक्षण में राजधानी में जमीन लूट की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि यह सरकार बिचैलियों की सरकार है,यह सरकार को चलाने वाले अफसर भी नही है ,मंत्री भी नही है ,सरकार के निर्णय को प्रभावित सत्ता में बैठे हुए लोगो के कॉरिडोर में चलने वाले कुछ ऐसे तत्व है जो खनिज संपदा से लेकर,ट्रांसफर पोस्टिंग से लेकर जमीन के दलाली करने में लगे हुए है।

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सिटी पोस्ट लाइव, रांची: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सांसद दीपक प्रकाश ने प्रेस वार्ता कर सत्ता के संरक्षण में राजधानी में जमीन लूट की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि यह सरकार बिचैलियों की सरकार है,यह सरकार को चलाने वाले अफसर भी नही है ,मंत्री भी नही है, सरकार के निर्णय को प्रभावित सत्ता में बैठे हुए लोगो के कॉरिडोर में चलने वाले कुछ ऐसे तत्व है जो खनिज संपदा से लेकर, ट्रांसफर पोस्टिंग से लेकर जमीन के दलाली करने में लगे हुए है। और जमीन के दलाली के अलावा अवैध कब्जा करने का भी काम मे सत्ता में बैठे हुए लोग कर रहे है।

सत्ता में शामिल लोग प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से राजधानी में एकड़ के एकड़ जमीन पर चील की तरह दृष्टि लगाकर अवैध कब्जा करने में लगे हुए है। श्री प्रकाश ने कहा कि राजधानी बनने के बाद यहां की जमीन की दर में काफी बढ़ोतरी हुई है।जमीन का  अभाव हुआ है इसलिए इसकी कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि राँची के हेहल कटहल मोड़ खाता न-119 कैलाशपुरी कॉ-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी 1982 में बनी थी।और इसमें जिन गरीबों के पास घर नहीं है, उनके लिये घर उपलब्ध कराया जा रहा था।12 एकड़ जमीन पर घर बनाने में सभी बेघर लोग लगे हुए थे।2020-21 तक जमीन की रसीद भी उसके नाम पर काटी गयी है।रजिस्टर-2 में भी उन सभी का नाम है।समिति के लोगो ने अपने अपने जमीन की बाउंड्री भी किया। पर अब जनवरी के माह में सत्ता में बैठे लोग सत्ता के इशारे पर कोऑपरेटिव की जमीन को अवैध कब्जा करने का काम कर रहे है।इतना ही नही,उस जमीन के बगल में अन्य जमीन लगभग 120 एकड़ सत्ता में बैठे लोग कब्जे करने में लगे हुए है।

कहा कि जब वहां के लोगो ने सीओ के पास फरियाद किया तो उनका जवाब था कि हम कुछ नही कर सकते, इसमे ऊपर के लोगो का हस्तक्षेप है।एसडीओ के पास गए वहां भी कोई जवाब नही मिला।डीसी साहब भी इस प्रकरण में बेचारे नजर आ रहे है।इस पर कमिश्नर का भी आदेश है कि यह जमीन कोआपरेटिव की जमीन है,दुर्भाग्य से पूरा शासन व्यस्वस्था वो चाहे राजस्व विभाग के सचिव हो या अन्य अधिकारी सभी उत्तर देने में असमर्थ साबित हुए है।क्योंकि सत्ता में बैठे लोगों का इन अधिकारियों पर पूरा दबाव है।ये सत्ता में बैठे लोगों की नजर इसके अलावा 120 एकड़ जमीन पर भी है।

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