By, Shrikant Pratyush
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मोदी विरोधी सियासी योद्धाओं का अखाड़ा बना बेगूसराय, सियासत से ज्यादा समर्थन सुर्खियो में है

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बेगूसराय बिहार की सबसे बड़ी सियासी लड़ाई का केन्द्र बन गया है। मोदीत्व और मोदी विरोध के बीच सीधे टकराव की रणभूमि बन गयी है बेगूसराय की धरती। पहले हीं यह तय था कि जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार यहां से चुनाव लड़ेंगे। लेफ्ट पार्टी ने कन्हैया को यहां से अपना उम्मीदवार बनाया तो दूसरी तरफ से बीजेपी ने अपने फायर ब्रांड नेता गिरिराज सिंह को यहां से उतार दिया।

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मोदी विरोधी सियासी योद्धाओं का अखाड़ा बना बेगूसराय, सियासत से ज्यादा समर्थन सुर्खियो में है

सिटी पोस्ट लाइवः बेगूसराय बिहार की सबसे बड़ी सियासी लड़ाई का केन्द्र बन गया है। मोदीत्व और मोदी विरोध के बीच सीधे टकराव की रणभूमि बन गयी है बेगूसराय की धरती। पहले हीं यह तय था कि जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार यहां से चुनाव लड़ेंगे। लेफ्ट पार्टी ने कन्हैया को यहां से अपना उम्मीदवार बनाया तो दूसरी तरफ से बीजेपी ने अपने फायर ब्रांड नेता गिरिराज सिंह को यहां से उतार दिया। राजद ने तनवीर हसन को यहां से उतारा और लड़ाई त्रिकोणीय हो गयी। सियासत की सबसे बड़ी लड़ाई का केन्द्र बना सियासत से ज्यादा समर्थन की वजह से चर्चा में है।

जो लोग कन्हैया को समर्थन देने आ रहे हैं या गिरिराज सिंह को समर्थन देने आ रहे हैं उससे बेगूसराय खूब सुर्खियो में हैं। कन्हैया को मोदी विरोधी सियासी योद्धाओं का पूरा समर्थन मिल रहा है दूसरे क्षेत्रों के कद्दावर लोग भी कन्हैया को समर्थन दे रहे हैं। मसलन सीपीआईएम महासचिव सीताराम येचुरी, स्वराज आंदोलन के योगेन्द्र यादव, डाॅ. कफील खान और शेहला रशीद, गुजरात के कांग्रेसी विधायक जिग्नेश मेवानी, हिन्दी और दक्षिण फिल्मों के प्रख्यात अभिनेता प्रकाश राज कन्हैया के समर्थन के लिए बेगूसराय आ चुके हैं। जिग्नेश मेवानी और प्रकाश राज ने तो बकायदा यहां कैंप किया है और कन्हैया का प्रचार करते रहे हैं।

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दूसरी तरफ गिरिराज सिंह को जिस सबसे बड़े नेता का समर्थन मिल रहा है वे अपने आपमें बेहद दिलचस्प है। वो नेता हैं बिहार के सीएम और जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार। नीतीश कुमार और गिरिराज सिंह के बीच माना जाता है कि राजनीतिक रिश्ते बहुत अच्छे नहीं रहे हैं हांलाकि जब गिरिराज सिंह बेगूसराय से उम्मीदवार बने तो उन्होंने सीएम नीतीश कुमार से जाकर मुलाकात की थी। संभवतः इस मुलाकात ने पुरानी दुश्मनी भुला दी हो तभी तो नीतीश कुमार गिरिराज सिंह के लिए वोट मांगते नजर आए हैं। सीएम ने जिस तरीके से गिरिराज सिंह का समर्थन किया उससे बिहार की राजनीति उबल पड़ी है।

प्रमुख विपक्षी पार्टी राजद नेता तेजस्वी यादव और राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी ने नीतीश कुमार पर हमला किया। तेजस्वी ने कहा कि ‘चाचा’ हमें आप पर तरस आता है जबकि शिवानंद तिवारी ने गिरिराज सिंह को बिहार की राजनीति का सबसे कट्टर चेहरा बता दिया और नीतीश कुमार पर उनके प्रचार करने के लिए हमला बोला। जाहिर है बेगूसराय की त्रिकोणीय लड़ाई में तीनों किरदारों को जो समर्थन मिल रहा है उससे बेगूसराय खूब चर्चा में है। बेगूसराय मोदी विरोध के सियासी युद्ध की रणभूमि बन गयी है और कन्हैया के समर्थन में मोदी विरोधी सियासी योद्धाओं का रोज यहां जुटान हो रहा है।

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