By, Shrikant Pratyush
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सीएम ने 121 आवेदकों के मामलों की सुनवाई कर अधिकारियों को दिये आवश्यक दिशा-निर्देश

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मुख्यमंत्री  नीतीश कुमार आज सचिवालय परिसर में आयोजित ‘जनता के दरबार में मुख्यमंत्री’ कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने राज्य के विभिन्न जिलों से पहुंचे 121 लोगों की समस्याओं को सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को समाधान के लिए समुचित कार्रवाई के निर्देश दिए।

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सिटी पोस्ट लाइव : मुख्यमंत्री  नीतीश कुमार आज सचिवालय परिसर में आयोजित ‘जनता के दरबार में मुख्यमंत्री’ कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने राज्य के विभिन्न जिलों से पहुंचे 121 लोगों की समस्याओं को सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को समाधान के लिए समुचित कार्रवाई के निर्देश दिए। आज ‘जनता के दरबार में मुख्यमंत्री’ कार्यक्रम में सामान्य प्रशासन विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, ग्रामीण कार्य विभाग, पंचायती राज विभाग, ऊर्जा विभाग, पथ निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग, कृषि विभाग, सहकारिता विभाग, पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग, जल संसाधन विभाग, उद्योग विभाग, नगर विकास एवं आवास विभाग, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, परिवहन विभाग, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, लघु जल संसाधन विभाग, योजना एवं विकास विभाग, पर्यटन विभाग, भवन निर्माण विभाग, वाणिज्य कर विभाग, सूचना एवं जन-संपर्क विभाग, गन्ना (उद्योग) विभाग के मामलों पर सुनवाई हुयी।

‘जनता दरबार में मुख्यमंत्री’ कार्यक्रम में गोपालगंज से आए एक युवक ने बताया कि वर्ष 2013 में उसने बिजली का कनेक्शन लिया था। वह बिजली बिल का नियमित भुगतान करता है। बावजूद इसके उसे एक माह का बहुत अधिक बिल भेज दिया गया और संबंधित विभाग के जे0ई0 द्वारा तंग किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को इसकी जांच कर समुचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया। रोहतास जिले से आयीं एक वार्ड सदस्या ने मुख्यमंत्री को बताया कि नल-जल योजना की सारी राशि मुखिया द्वारा निकासी कर ली गई है। योजना के तहत सही तरीके से काम भी नहीं कराया गया है। वहीं समस्तीुपुर से आए एक शख्स ने बताया कि 35-40 वर्ष पूर्व उनके गांव की सड़क बनाई गई थी। अब यह सड़क पूरी तरह बदहाल हो गई है। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को जांच कर उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।

छपरा से आये एक फरियादी ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाते हुए कहा कि परिवहन विभाग ने निजी फिटनेस केंद्र को कार्यपालक के आदेश से बंद कर दिया है। फिटनेस सेंटर बंद होने से बिना फिटनेस के ही सड़कों पर गाड़ियां दौड़ रही हैं। फिटनेस सेंटर के बंद होने से बहुत सारे लोग बेरोजगार हो गये हैं। मुख्यमंत्री ने फरियादी की शिकायत सुनने के उपरांत संबंधित विभाग को मामले की जांच कर न्यायोचित कदम उठाने का निर्देश दिया। कटिहार के एक युवक द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिलने के संबंध में शिकायत की तो वहीं गोपालगंज के एक व्यक्ति ने ऊर्जा विभाग से अवकाश प्राप्त करने के बाद उन्हें पेंशन, जी0पी0एफ0 एवं ग्रेच्युटी का लाभ नहीं मिलने की शिकायत की। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
बांका के एक व्यक्ति जन वितरण प्रणाली द्वारा अच्छी गुणवत्ता वाले खाद्यान्न का वितरण नहीं किए जाने की शिकायत की तो वहीं शिवहर की एक महिला ने शौचालय निर्माण

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कराने के दो वर्ष बाद भी राशि नहीं मिलने की शिकायत की। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
पूर्णिया के एक व्यक्ति ने गुलाबबाग में वर्षों से बंद पड़े जलमीनार को चालू करने के संबंध में शिकायत की और कहा कि शुद्ध पेयजल उपलब्ध होने में दिक्कत हो रही है। वहीं पूर्वी चंपारण के एक शिकायतकर्ता ने शिकायत करते हुए कहा कि लाइसेंस प्राप्त उनके आरा मशीन को अनुचित तरीके से बंद कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

पटना सदर के एक व्यक्ति ने शिकायत करते हुए कहा कि उद्योग विभाग द्वारा बिहार राज्य हस्तकरघा बुनकर सहयोग समिति संघ लिमिटेड के खाता पर रोक लगा दी है, जिससे सतरंगी चादर का निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा है और बुनकरों के काम में दिक्कत हो रही है। वहीं किशनगंज के एक व्यक्ति ने महानंदा नदी पर ठाकुरगंज प्रखंड में खरखरी एवं भेरभेरी के बीच पुल निर्माण को लेकर आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को उचित कार्रवाई का निर्देश दिया।

उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से आए एक बुजुर्ग ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाते हुए कहा कि वे बिहार में सरकारी कर्मी थे और इसी साल सेवानिवृत्त हुये हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि कुछ दिनों से उनको मिलने वाली पेंशन में कटौती कर दी गई है। मुख्यममंत्री ने संबंधित विभाग को पूरे मामले की जांचकर समस्या समाधान करने का निर्देश दिया।

‘जनता के दरबार में मुख्यमंत्री’ कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से बातचीत की। शराबबंदी को लेकर मंगलवार को होने वाली समीक्षा बैठक के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कल हमलोग शराबबंदी को लेकर विस्तृत समीक्षा करेंगे। इस बैठक में सभी जिलों से विस्तृत जानकारी ली जायेगी। अब तक शराब से जुड़ी हुई जो भी घटनाएं हुई हैं उन सभी चीजों पर चर्चा की जायेगी। बिहार में शराबबंदी लागू किया गया है लेकिन अगर कहीं पर इसका उल्लंघन हो रहा है और स्थानीय स्तर पर इसमें किसी की कोई भूमिका है तो उस पर भी चर्चा की जायेगी। कल की बैठक में सभी मंत्री मौजूद रहेंगे, जबकि सभी जिलों के डी0एम0 और एस0पी0 वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये बैठक में जुड़ेंगे। बैठक में शराबबंदी से जुड़ी एक-एक चीज पर चर्चा की जायेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शराबबंदी को लेकर हमने कई बार बैठक की है। वर्ष 2016 से लेकर अब तक शराबबंदी को लेकर की गई समीक्षा बैठक में लिये गये फैसले और उनके अनुपालन को लेकर की गई कार्रवाई पर भी कल की बैठक में चर्चा की जायेगी। कड़ाई से शराबबंदी लागू होने के बावजूद इस तरह की घटनायें क्यों सामने आ रही है, इसको लेकर भी चर्चा की जायेगी। शराब कितनी बुरी चीज है, पियोगे तो मरोगे, इसको लेकर ठीक ढ़ंग से प्रचार-प्रसार होना चाहिए। अवैध शराब पीने से लोगों की मौत हो जा रही है फिर भी लोग शराब क्यों पी रहे हैं? इसको लेकर लोगों को सचेत एवं जागरुक करना जरुरी है। उन्होंने कहा कि शराबबंदी को लेकर लोगों को जागरुक करने के लिए अभियान भी फिर से चलाया जायेगा। पहले से चलाये जा रहे कैंपेन की भी समीक्षा की जायेगी। शराबबंदी को लेकर किसी प्रकार की लापरवाही को हम सहन नहीं कर सकते हैं। समाज में कुछ लोग गड़बड़ करने वाले होते हैं, उन पर नजर रखना बहुत जरुरी है। गड़बड़ी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जरुरत होती है।

हमलोग देखेंगे कि आखिर कौन लोग शराबबंदी कानून की अवहेलना के आरोप में पकड़े गये हैं। शराबबंदी से पहले शराब के धंधे से जुड़े लोग आजकल कौन काम कर रहे हैं इस पर भी नजर रखने की जरुरत है। शराबबंदी को और भी मजबूती से लागू करने को लेकर जो भी जरुरी कदम होंगे वो आगे भी उठाये जायेंगे। शराबबंदी को लेकर लोगों को फिर से जागरुक करने को लेकर अभियान चलाने से लेकर गड़बड़ी करने वालों पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई करने को लेकर भी चर्चा की जायेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कहीं कोई कमी नहीं है। अगर कोई ऐसा बोल रहा है तो यह गलत बात है। शराबबंदी सभी दलों की सहमति से लागू की गयी थी, कोई इसके विरोध में नहीं थे। जिसकी जो मर्जी वह बोलता रहे लेकिन यह वास्तविकता है कि शराबबंदी कानून में कहीं कोई कमी नहीं है। कुछ लोग हैं जो गड़बड़ी करते रहते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि 1 अप्रैल 2016 से शराबबंदी लागू करने के समय पहले यह तय किया गया था कि कॉरपोरेशन के माध्यम से विदेशी शराब की बिक्री जारी रखी जायेगी लेकिन लोगों ने इसका काफी विरोध किया। लोगों के भारी विरोध को देखते हुए 5 अप्रैल 2016 से बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू की गयी। उन्होंने कहा कि शराबबंदी को लेकर लोगों के द्वारा किये गये कंप्लेन और उस पर लिये गये एक्शन पर बैठक में चर्चा की जायेगी। कल की बैठक में एक-एक चीज पर चर्चा की जायेगी चाहे इस पर कितना समय लगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चंपारण में बापू के आने के बाद कितनी तेजी से देश में आंदोलन बढ़ा और तीस साल के अंदर देश आजाद हो गया। बिहार के लोगों के बारे में गलतफहमी पैदा की जाती है। बिहार के अधिकतम लोग इन सब चीजों के मामले में बहुत अच्छे विचार के हैं। चंद लोग तो गड़बड़ होंगे ही, दुनिया में कोई कह ही नहीं सकता है कि हर आदमी ठीक हो जायेगा। ये संभव नहीं है। दुनिया में कहीं भी देख लीजिये हर आदमी ठीक नहीं हो सकता है।

बिहार में क्राइम बढ़ने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में क्राइम की संख्या पहले की तुलना में घटी है। ऐसा कुछ नहीं है कि क्राइम बढ़ा है। कुछ घटना होती है तो उस पर एक्शन होता है। उन्होंने कहा कि हमलोगों के यहां प्रशासन और पुलिस इस मामले में सक्रिय है। जहां कहीं भी कुछ हो रहा है उस पर एक्शन हो रहा है। कुछ चीजों में इंसिडेंट अलग किस्म का हुआ है। एक जगह नक्सलियों का मामला आया है तो पूरे तौर पर जांच हो रही है। एक-एक चीज को देखा जा रहा है। वो एक फिगर है, हर साल फिगर प्रकाशित होता है लेकिन ये कहना कि बिल्कुल खत्म हो गया ये नहीं कहा जा सकता है।

जब से हमलोग शराबबंदी लागू किये हैं तब से क्राइम में भी कमी आई है। पहले दारू पीकर गाड़ी चलाने से सड़क दुर्घटना के काफी मामले सामने आते थे। अभी देश भर का रोड एक्सिडेंट का फिगर देख लीजिये, इसमें अभी बिहार की क्या स्थिति है देख लीजिये। कहीं कोई इंसिडेंट होता है तो हर इंसिडेंट पर पूरे तौर पर जांच के बाद कार्रवाई होती है। पुलिस को निर्देश है कि कहीं कोई इंसिडेंट होता है तो जो नियम है, जो कानून है उसके अनुसार जांच कीजिये और जो आपकी जिम्मेवारी है उसके मुताबिक उस पर उचित कार्रवाई करिये।

फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत के आजादी वाले बयान पर पूछे गये सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसका कोई मतलब नहीं है। हमें आश्चर्य लगता है कि ऐसे लोगों की बात को पब्लिश कैसे किया जाता है। इन सब चीजों का क्या महत्व है। व्यक्ति के बारे में आप कह ही नहीं सकते हैं कि कौन क्या बोलेगा। ऐसे चीजों पर कोई ध्यान भी देता है क्या ? कौन नहीं जानता है कि आजादी कब हुई। ऐसे बयानों का कोई महत्व नहीं देकर मजाक उड़ा देना चाहिये था। कुछ लोगों की आदत होती है, हम ऐसे लोगों पर ध्यान नहीं देते हैं। राहुल गांधी के हिंदुत्व वाले बयान पर पूछे गये सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ये उन्हीं से पूछिये पूरा बतायेंगे। इन सब चीजों पर क्या चर्चा करना है। कुछ लोग कुछ बोलकर चर्चा में बने रहना चाहते हैं। उनको काम में रूचि नहीं है। हमलोगों को काम में रूचि है। जनता की सेवा करना ही हमारा धर्म है, हम उसी में लगे रहते हैं। हम व्यक्ति विशेष के लिये नहीं कह रहे हैं। ज्यादातर लोगों के मन में रहता है कि कुछ बयानबाजी करते रहो ताकि पब्लिसिटी मिलती रहे। बिहार में देखियेगा तो कुछ लोग मेरे खिलाफ बोलते हैं ताकि उनको पब्लिसिटी मिले। उनको मालूम है कि मेरे खिलाफ बोलेंगे तो पब्लिसिटी मिलेगी।

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