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अंग्रेजो ने बिहार के साथ जो भेदभाव किया ,आज भी है जारी

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  •  सिटीपोस्टलाईव : बुधवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने  वीर कुअर सिंह के 160वें विजयोत्सव समारोह के समापन के मौके पर कहा कि 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में वीर कुंअर सिंह की अगुआई में बिहार ने  बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया और  अंग्रेजों को कई-कई बार हराया.उन्होंने कहा कि इसी हार से खार खाए अंग्रेजों ने बिहार की उपेक्षा शुरू कर दी . उन्होंने कहा कि जिस तरह का भेदभाव अंग्रेजों ने बिहार के साथ किया वहीँ भेदभाव आजादी के बाद भी बिहार के साथ जारी है.उन्होंने कहा कि हर तरह की सहायता मिलेगी तभी बिहार आगे बढेगा.
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    मुख्यमंत्री ने विकास की परिभाषा समझाते हुए कहा कि केवल  पुल, पुलिया और सड़क निर्माण ही विकास नहीं होता है . हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण है समाज में आपसी प्रेम और सदभाव का माहौल बरकरार रखना. राज्य में न्याय के साथ विकास का अभियान का कार्यक्रम चल रहा है .उन्होंने आगे कहा कि  जब तक बाल विवाह, दहेज प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों को दूर नहीं किया जाएगा, लोगों की सोच में बदलाव नहीं आएगा, तब तक विकास का कोई मायने नहीं है.

    मुख्यमंत्री ने उत्थान योजना के तहत लड़की के जन्म लेने पर 2,000 रुपए की राशि दिए जाने की बात करते  हुए कहा कि  संपूर्ण टीकाकरण कराने पर दो साल में 2000 रुपये दिए जाएंगे. बारहवीं पास अविवाहित लड़कियों को 10,000 रुपये और ग्रैजुएट होने पर लड़की विवाहित हो या अविवाहित, उसे 25,000 रुपये दिए जाएंगे. हमारी कोशिश है कि नई पीढ़ी चाहे लड़का हो या लड़की खूब पढ़े, आगे बढ़े.

    मुख्यमंत्री ने बढ़ते तकनीक की बुराइयों की तरफ ध्यान आकृष्ट करते हुए कहा कि  छोटे-छोटे बच्चों को लोग मोबाईल देकर  सोचते हैं कि बच्चा मोबाईल में उलझा हुआ है.उन्हें इस बात का आभाष ही नहीं कि आज बच्चा ऐसे ही मोबाइल में उलझा रहेगा तो एक दिन आपको भी भूल जाएगा. मुख्यमंत्री ने पर्यावरण संकट का हवाला देते हुए कहा कि   पर्यावरण संकट में है जिसका असर है कि  बिहार में वर्षापात 1200 से 1500 मिमी हुआ करता था लेकिन पर्यावरण से छेड़छाड़ के चलते वर्षापात 1000 मिमी से भी कम हो गया है.

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