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आनंद मोहन का मान बढ़ाने सहरसा पहुंचे नीतीश कुमार.

रिहाई के बाद लालू फैमिली से दूर और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीब होते जा रहे आनंद मोहन.

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सिटी पोस्ट लाइव : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज पूर्व सांसद और बाहुबली आनंद मोहन के पैतृक गांव पहुंचे. सहरसा के पचगछिया स्थित भगवती प्रांगण में स्वतंत्रता सेनानी स्व. रामबहादुर सिंह और उनके बड़े बेटे स्वतंत्रता सेनानी स्व. पद्मानंद सिंह ब्रह्मचारी की प्रतिमा का अनावरण किया. सीएम नीतीश कुमार के इस कार्यक्रम को लेकर बिहार की सियायत गरमाई हुई है. कहा यह जा रहा है कि “ठाकुर का कुंआ” विवाद पर राजद कोटे से राज्यसभा सांसद मनोज झा की जीभ खींचने वाला बयान देने वाले आनंद मोहन राजद और लालू परिवार से दूर और नीतीश कुमार के करीब होते जा रहे हैं.

 

जेल से रिहाई के बाद होनेवाला ये कार्यक्रम आनंद मोहन  के शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है.उनकी सभा में हजारों हजार समर्थक जुटे.मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पहलीबार आनंद मोहन  के साथ एक मंच पर नजर आये.आनंद मोहन  ने जेल से अपनी रिहाई का श्रेय नीतीश कुमार को देते हुए कहा कि जेल के नियम कानून में परिवर्तन कर मुख्यमंत्री ने उन्हें बाहर निकाला. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आनंद मोहन के साथ अपने रिश्ते की चर्चा करते हुये कहा कि हमारे रिश्ते कैसे थे, आपको मालूम है.दोनों नेताओं ने एक दुसरे की तारीफ की.

 

गौरतलब है कि आनंद मोहन राजपूत समाज के बड़े नेता हैं.16 साल जेल में रहने के बाद भी लोग उन्हें भूले नहीं हैं.अपने पुराने जनाधार को फिर से कयाम करने में वो जी-जान से जुटे हुए हैं.नीतीश कुमार को पूरा भरोसा है कि आनंद मोहन को जेल से रिहा करने का उन्हें राजनीतिक फायदा मिलेगा.लेकिन सबसे बड़ा सवाल कि जिस आनंद मोहन से लालू यादव नाराज हैं, उनसे नीतीश कुमार के करीब जाने का क्या मतलब है? जिस आनंद मोहन की पत्नी लवली आनंद RJD की नेत्री हैं और पुत्र विद्यायक हैं, उनके लालू यादव से दूर और नीतीश कुमार के करीब जाने का क्या राजनीतिक मतलब है?

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