By, Shrikant Pratyush
News 24X7 Hour

अब तेजस्वी के साथ नहीं रहे आरजेडी के ये विधायक! बड़े नेताओं में भी दिख रही नाराजगी

- sponsored -

0

आरजेडी टूट की ओर बढ़ रही है इसके संकेत आरजेडी के हीं एक विधायक के बयान से मिल रहे हैं। आरजेडी विधायक महेश्वर यादव ने दावा किया है कि पार्टी के 80 फीसदी विधायक उनके साथ हैं और वे अलग गुट बनाकर नीतीश कुमार का समर्थन करेंगे। इस दावे में कितनी सच्चाई यह तो आने वाला वक्त बताएगा लेकिन एक तस्वीर यह भी है कि आरजेडी के कई विधायक हैं जो तेजस्वी की पहुंच से बाहर होते जा रहे हैं

Below Featured Image

-sponsored-

अब तेजस्वी के साथ नहीं रहे आरजेडी के ये विधायक! बड़े नेताओं में भी दिख रही नाराजगी

सिटी पोस्ट लाइवः आरजेडी टूट की ओर बढ़ रही है इसके संकेत आरजेडी के हीं एक विधायक के बयान से मिल रहे हैं। आरजेडी विधायक महेश्वर यादव ने दावा किया है कि पार्टी के 80 फीसदी विधायक उनके साथ हैं और वे अलग गुट बनाकर नीतीश कुमार का समर्थन करेंगे। इस दावे में कितनी सच्चाई यह तो आने वाला वक्त बताएगा लेकिन एक तस्वीर यह भी है कि आरजेडी के कई विधायक हैं जो तेजस्वी की पहुंच से बाहर होते जा रहे हैं या फिर यह माना जा रहा है कि वे अब तेजस्वी के साथ नहीं है। इस लिस्ट में पहला नाम तो महेश्वर यादव का हीं आता है जो खुलेआम पार्टी तोड़कर नीतीश को समर्थन देने की बात कर रहे हैं।

इस लिस्ट में दूसरा नाम है आरजेडी विधायक फरार फातमी का। फातमी अली अशरफ फातमी के बेटे हैं। अली अशरफ फातमी हाल में जेडीयू ज्वाइन कर चुके हैं इसलिए कयास लगाये जा रहे हैं कि फराज फातमी भी पिता की राह पर चलते हुए जेडीयू का दामन थाम लेंगे। फराज फातमी ने आरजेडी की किसी बैठक में हिस्सा नहीं लिया है, न हीं आरजेडी की सदस्यता ली है। यहां तक कि तेजस्वी यादव के निर्देश को अनसुना कर उन्होंने सदस्यता अभियान भी नहीं चलाया है।

Also Read

-sponsored-

इस लिस्ट में एक और नाम आता है चंद्रिका राय का। चंद्रिका राय आरजेडी के विधायक भी हैं और लालू यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव के ससुर भी हैं। वे आरजेडी को नौटंकी पार्टी बता चुके हैं और सूत्र बताते हैं कि वे बीजेपी के साथ जाने का मन बना चुके हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में आरजेडी ने उन्हेें सारण सीट से उम्मीदवार बनाया था जहां से वे बीजेपी उम्मीदवार राजीव प्रताप रूड़ी से चुनाव हार गये। सारण सीट पर तेजप्रताप यादव ने हीं उनकी राह मुश्किल की और उन्हें बहरूपिया बताकर लोगों से उन्हें वोट न देने की अपील की। माना जा रहा है कि लोकसभा चुनाव के दौरान तेजप्रताप यादव की जो भूमिका रही है उसको लेकर भी आरजेडी के कई नेता उनके खिलाफ कार्रवाई चाहते हैं और कार्रवाई नहीं होने की वजह से उनका गुस्सा बढ़ रहा है।

सिर्फ आरजेडी के विधायक हीं नहीं पार्टी के कई बड़े नेता अब तेजस्वी यादव को खुलेआम नसीहत दे रहे हैं और उनसे क्षुब्ध नजर आते हैं। शिवानंद तिवारी तो सार्वजनिक रूप से उन्हें मांद से बाहर निकलने की सलाह दे चुके हैं। रघुवंश प्रसाद सिंह तेजस्वी की राय के विपरीत नीतीश कुमार को महागठबध्ंान में लाये जाने को लेकर बातचीत शुरू करने के पक्ष में हैं और पार्टी के एक और बड़े नेता अब्दुल बारी सिद्धकी तो आज शाम को हीं एक फेसबुक पोस्ट के जरिए तेजस्वी यादव को इगो छोड़ने की नसीहत दे रहे हैं। जाहिर है आरजेडी में पनपता असंतोष तेजस्वी यादव की मुश्किलें बढ़ा रहा है और हर बदलते वक्त के साथ आरजेडी को टूट की ओर ले जा रहा है।

-sponsered-

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

-sponsored-

Leave A Reply

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More