By, Shrikant Pratyush
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विपक्षी पार्टियां मिलकर लड़ेगी चुनाव, सीटिंग सीट पर सहमति 

हेमंत सोरेन के आवास पर जुटे विपक्ष के कई दिग्गज नेता

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झारखंड विधानसभा चुनाव के पहले विपक्षी पार्टियां गठबंधन बनाकर भाजपा-एनडीए को दोबारा सत्ता में आने से रोकने के लिए रणनीति बनाने में जुट गयी है।

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सिटी पोस्ट लाइव, रांची: झारखंड विधानसभा चुनाव के पहले विपक्षी पार्टियां गठबंधन बनाकर भाजपा-एनडीए को दोबारा सत्ता में आने से रोकने के लिए रणनीति बनाने में जुट गयी है। इसी क्रम में प्रमुख विपक्षी दल झारखंड मुक्ति मोर्चा, कांग्रेस, झारखंड विकास मोर्चा, राष्ट्रीय जनता दल और मार्क्सवादी समन्वय समिति के नेताओं की रांची में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सीटों के बंटवारे को लेकर प्रारंभिक फार्मूले पर चर्चा के साथ ही आगामी 22 से 26 जुलाई तक आयोजित होने वाले विधानसभा के मॉनसून सत्र में सरकार को घेरने की रणनीति पर भी चर्चा हुई। झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन के नेतृत्व में हुई इस बैठक में कांग्रेस विधायक दल के नेता आलमगीर आलम, झाविमो के मीडिया प्रभारी सरोज सिंह, राजद के प्रदेश अध्यक्ष अभय कुमार सिंह, मासस विधायक अरूप चटर्जी समेत विपक्षी दलों के कई नेता उपस्थित थे। हालांकि इस बैठक से झाविमो अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी की दूरी और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार की अनुपस्थिति सभी मीडियाकर्मियों के लिए चर्चा का विषय था। बैठक समाप्त होने के बाद हेमंत सोरेन ने बताया कि विपक्षी दलों के प्रतिनिधियों की हुई बैठक में आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति पर चिंतन-मनन तथा भाजपा और रघुवर दास सरकार को बाहर का रास्ता दिखाये जाने पर सहमति बनी। उन्होंने बताया कि सीटों के बंटवारे पर विचार के लिए आने वाले हफ्ते में फिर विपक्षी दलों की बैठक होगी। उन्होंने कहा कि अभी विपक्ष के पास 36सीटें है, इन सीटों पर संबंधित दल के प्रत्याशी चुनाव लड़ेंगे, अन्य सीटों पर आगामी बैठक कर सीटों के बंटवारे के फार्मूले को अंतिम रूप देंगे। झामुमो विधायक कुणाल षाड़ंगी द्वारा कांग्रेस से गठबंधन किये बगैर अकेले चुनाव लड़ने के संबंध में दिये गये बयान पर हेमंत सोरेन ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि कई लोगों की व्यक्तिगत राय होती है, लेकिन पार्टी विपक्षी एकजुटता के साथ चुनाव लड़ने के पक्ष में है और अन्य वाम दलों को भी इस गठबंधन में शामिल करने पर चर्चा होगी। इस मौके पर विधायक दल के नेता आलमगीर आलम ने बताया कि बैठक में यह सहमति बनी है कि अभी विधानसभा में विपक्षी दलों के पास जो सीटें है, उन सीटों पर संबंधित विपक्षी दल के उम्मीदवार ही चुनाव मैदान में उतरेंगे। उन्होंने बताया कि अन्य सीटों के बंटवारे पर भी जल्द ही विचार-विमर्श के बाद फैसला लिया जाएगा। गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव के दौरान इस बात पर सहमति बनी थी कि झारखंड विधानसभा चुनाव में भी सभी विपक्षी दल गठबंधन के तहत चुनाव लड़ेंगे। लोकसभा चुनाव में राज्य में कांग्रेस अधिक सीटों पर चुनाव लड़ी थी, वहीं विधानसभा चुनाव में झामुमो के अधिक सीटों पर चुनाव लड़ने पर सहमति बनी थी। बताया गया है कि विधानसभा चुनाव में झामुमो 35 से 40सीटों, कांग्रेस 22 से 25 सीट, झाविमो 8 से 12 सीट, राजद 5 से 7 सीट और मासस के खाते में निरसा विधानसभा की सीट जा सकती है। इसके अलावा अन्य वाम दलों को भी गठबंधन में शामिल करने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही राजद से अलग होकर बने राजद लोकतांत्रिक और जदयू को भी गठबंधन में शामिल करने पर प्रारंभिक विचार-विमर्श का सिलसिला जारी है।

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