By, Shrikant Pratyush
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किंग महेंद्र के गलत शपथ-पत्र दाखिल करने के मामले में पप्‍पू यादव ने लिखा मुख्‍य चुनाव आयुक्‍त को पत्र

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जन अधिकार पार्टी (लो) के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष सह पूर्व सांसद पप्‍पू यादव ने मुख्‍य निर्वाचन आयुक्‍त, भारत चुनाव आयोग, नई दिल्‍ली को जदयू के राज्‍य सभा सांसद डॉ महेंद्र प्रसाद द्वारा राज्‍य सभा चुनाव के समय गलत शपथ – पत्र दाखिल करने के संबंध में एक पत्र लिख कर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है

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किंग महेंद्र के गलत शपथ-पत्र दाखिल करने के मामले में पप्‍पू यादव ने लिखा मुख्‍य चुनाव आयुक्‍त को पत्र

सिटी पोस्ट लाइव : जन अधिकार पार्टी (लो) के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष सह पूर्व सांसद पप्‍पू यादव ने मुख्‍य निर्वाचन आयुक्‍त, भारत चुनाव आयोग, नई दिल्‍ली को जदयू के राज्‍य सभा सांसद डॉ महेंद्र प्रसाद द्वारा राज्‍य सभा चुनाव के समय गलत शपथ – पत्र दाखिल करने के संबंध में एक पत्र लिख कर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि ये सुनिश्चित हो सके कि कोई भी उम्‍मीदवार चुनाव के समय गलत जानकारी शपथ पत्र के माध्‍यम से देने की हिम्‍मत नहीं कर सके। उन्‍होंने पत्र में लिखा है कि मैप्रा लेबोरेटरीज प्राइवेट लिमिटेड और अरिस्‍टो फार्मास्‍यूटिकल के मालिक सह जदयू सांसद डॉ महेंद्र प्रसाद के लिए कभी पार्टी महत्‍वपूर्ण नहीं रही है, केवल पद महत्‍वपूर्ण रहा।

पप्‍पू यादव ने आगे लिखा कि सन 1980 में जहानाबाद लोक सभा सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीत कर डॉ महेंद्र प्रसाद यानी किंग महेंद्र संसद में पहुंचे थे। फिर राजीव गांधी की सन 1984 में हत्‍या के बाद चुनाव जीत नहीं पाये। इसके बाद किंग महेंद्र की पहुंच और ताकत का एहसास तब हुआ, जब वह राष्‍ट्रपति जी के द्वारा राज्‍य सभा के लिए नॉमिनेट कर लिये गए। इसके बाद चाहे सरकार, कांग्रेस की हो या नीतीश – लालू की, किंग महेंद्र राज्‍य सभा के लिए चुने जाते रहे। मगर इन सब के पीछे ध्‍यान देने वाली बात यह है कि जब भी राज्‍य सभा चुनाव के लिए किंग महेंद्र के द्वारा नामांकन के समय शपथ पत्र दाखिल किया गया, उसमें तथ्‍यों को छुपाया गया या गलत जानकारी दी गई।

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उन्‍होंने कहा कि इसका एक उदाहरण वर्ष 2006 में हुए राज्‍य सभा के चुनाव के शपथ पत्र में अपनी पत्‍नी के नाम तक का जिक्र नहीं करना है। वहीं, 2012 में हुए चुनाव में 19 मार्च 2012 को दाखिल शपथ पत्र में अपनी पत्‍नी के नाम का जिक्र किया गया, जिसमें एस देवी को पत्‍नी बताया गया और उसका पैन कार्ड संख्‍या AEQPD1448N दर्शाया और वर्ष 2018 के चुनाव में 10 मार्च 2018 को पत्‍नी का नाम उमा देवी बताया, जिनका पैन कार्ड संख्‍या AAJPD4697D दर्शाया।

पूर्व सांसद ने अपने पत्र में इसे आदर्श आचार संहिता के साथ – साथ हिंदू मैरेज एक्‍ट का घोर उल्‍लंघन बताया और कहा कि सन 2012 और 2018 में दाखिल दो शपथ पत्र में दो पत्‍नी का नाम और दोनों का अलग – अलग पैन कार्ड साबित करता है कि किंग महेंद्र ने चुना आयोग के साथ – साथ हिंदू मैरेज एक्‍ट का भी मजाक बनाया। इसलिए चुनाव आयोग से आग्रह है कि वे इस मामले में उचित कानूनी कार्रवाई करने की आवश्‍यकता है।

इसके अलावा सांसद ने पत्र के माध्‍यम से कहा है कि राज्‍य सभा सांसद किंग महेंद्र पर उनके कारोबारी बेटे रंजीत शर्मा ने पिता की महिला सहयोगी पर अपनी मां को बंधक बनाने का आरोप लगाया है। शिकायत में कहा है कि पिता किंग महेंद्र की महिला सहयोगी उनकी 80 वर्षीय मां से मिलने नहीं दे रही है और लगता है कि महिला ने उनकी मां को गायब कर दिया है। रंजीत शर्मा को आशंका है कि उक्‍त महिला ने अब तक उनकी मां सुतला देवी को डेरा गांव, फतेहपुरी बेरी इलाके वाले फार्म हाउस से कहीं और शिफ्ट कर दिया है। इसलिए हमारी मांग है कि इन तथ्‍यों पर गौर करते हुए पूरे मामले की जांच करवाकर आवश्‍यक कानूनी कार्रवाई की जाये।

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