By, Shrikant Pratyush
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जातिगत जनगणना के बिना सभी वर्गों की समुचित भागीदारी असंभव : हिमांशु पटेल

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बिहार की राजनीति में इन दिनों जातिगत जनगणना का मामला काफी गहराया हुआ है. एक तरफ जहां जदयू और राजद ने जातिगत जनगणना कराने की पीएम से मांग कर दी है. साथ ही बिहार की तमाम राजनीतिक पार्टियां पीएम नरेन्द्र मोदी से मिलकर इस मामले पर बात भी की थी.

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सिटी पोस्ट लाइव: बिहार की राजनीति में इन दिनों जातिगत जनगणना का मामला काफी गहराया हुआ है. एक तरफ जहां जदयू और राजद ने जातिगत जनगणना कराने की पीएम से मांग कर दी है. साथ ही बिहार की तमाम राजनीतिक पार्टियां पीएम नरेन्द्र मोदी से मिलकर इस मामले पर बात भी की थी. वहीं, अब इस मुद्दे पर फैसला प्रधानमंत्री को लेना है. वहीं, इस मुद्दे को लेकर अखिल भारतीय कुर्मी क्षत्रिय महासभा के प्रदेश अध्यक्ष हिमांशु पटेल ने एक बयान जारी किया है.

उन्होंने कहा कि, बिहार लेलिन अमर शहीद जगदेव प्रसाद के शहादत दिवस 05 सितम्बर को पटेल सेवा संघ, दरोगा राय पथ, पटना में महासभा की ओर से “सामाजिक परिवर्तन में जातिगत जनगणना की भूमिका” एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया जा रहा है. इस कार्यक्रम का उद्घाटन जनता दल यूनाइटेड के संसदीय बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा जी करेंगे और मुख्य अतिथि महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सर्वेश कटियार जी होंगे.

साथ ही हिमांशु पटेल ने यह भी कहा कि, अखिल भारतीय कुर्मी क्षत्रिय महासभा शुरू से ही जातिगत जनगणना का पक्षधर रहा है. जब तक यह काम नहीं होगा तब तक सरकार द्वारा चलाई जा रही. जनहित योजना का लाभ पिछड़ा-अतिपिछड़ा, दलित-महादलित समाज को नहीं मिलेगा. बता दें कि, जातिगत जनगणना को लेकर भारी बवाल मचा हुआ है. वहीं, कई बार भाजपा इस मुद्दे को लेकर जदयू और राजद पर हमलावर रही है.

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