By, Shrikant Pratyush
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बोले रामविलास पासवान-‘आरक्षण विरोध की कीमत चुकाएगी राजद, किस मुंह से मांगेगी वोट

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सवर्ण आरक्षण पर देश की सियासत में उबाल है। केन्द्र सरकार द्वारा सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण देने के फैसले ने 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले आरक्षण पर देश ओर बिहार की राजनीतिक को गरमा दिया है। पटना में आज प्रेस काॅन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए रामविलास पासवान ने कहा कि राजद अकेली ऐसी पार्टी है जिसने सवर्ण आरक्षण का विरोध किया है।

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बोले रामविलास पासवान-‘आरक्षण विरोध की कीमत चुकाएगी राजद, किस मुंह से मांगेगी वोट

सिटी पोस्ट लाइव: सवर्ण आरक्षण पर देश की सियासत में उबाल है। केन्द्र सरकार द्वारा सवर्णों को 10 फीसदीरक्षण देने के फैसले ने 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले आरक्षण पर देश ओर बिहार की राजनीतिक को गरमा दिया है। पटना में आज प्रेस काॅन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए रामविलास पासवान ने कहा कि राजद अकेली ऐसी पार्टी है जिसने सवर्ण आरक्षण का विरोध किया है। 2019 को लोकसभा चुनाव में उसे इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। केंद्रीय मंत्री और लोजपा सुप्रीमो रामविलास पासवान ने कहा कि सवर्णों को आर्थिक आधार पर दिये गये 10 परसेंट आरक्षण का लोजपा स्वागत करती है। पार्टी इसकी मांग लंबे समय से करती रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जो बोलते हैं, वो करते हैं।

उन्होंने कहा कि सवर्णों को दिये गये आरक्षण का राजद ने विरोध कर अपर कास्ट के लोगों में गलत संदेश दिया है। इसका खामियाजा उसे चुनाव में भुगतना होगा। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में राजद नेता किस मुंह से सवर्ण समुदाय से वोट मांगेंगे। राजद के कई सवर्ण नेता लोकसभा चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं, आखिर वे किस मुंह से सवर्णों से वोट मांगने जाएंगे। आपको बता दें कि सवर्ण आरक्षण को लेकर महागठबंधन में शामिल दलों की राय भी अलग-अलग है। बिहार के पूर्व सीएम और हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा के अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने गरीब सवर्णों के लिए 15 फीसदी आरक्षण की मांग की है। वहीं कांग्रेस भी सवर्ण आरक्षण के पक्ष में है।

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