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नीतीश कुमार के जन्म दिन पर विशेष: बिहार को दिलाई एक नयी पहचान?

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सिटी पोस्ट लाइव :आज बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का जन्म दिन है.आज के ही दिन उनका जन्म बिहार के एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ था.बचपन से ही संघर्ष करनेवाले नीतीश कुमार ने बिहार को एक नई पहचान दी है.बिहार की बागडोर संभालने के बाद उन्होंने सबसे पहले कानून का राज स्थापित किया.देश भर में वो सुशासन बाबू के नाम से मशहूर हो गए.राजनीति की काली कोठरी में भी रहते हुए उनके दामन पर आजतक कोई दाग नहीं लगा. बिहार आज अपने इस मुख्यमंत्री का जन्मदिन मना रहा है. उनको बधाई देने वालों का लगातार तांता लगा हुआ है.

नीतीश कुमार एक कुशल शासक के साथ साथ एक समाज सुधारक के रूप में भी उभरे हैं.शराबबंदी जैसा फैसला लेना किसी नेता के लिए आसान काम नहीं है. इन दिनों अपने समाज सुधार अभियान के दौरान अपने हर भाषण में नीतीश कुमार ना सिर्फ दहेज का विरोध करते हैं बल्कि अंतर्जातीय विवाह करने वाले युवाओं को मंच पर सम्मानित भी कर रहे हैं. नीतीश कुमार दहेज और अंतर्जातीय विवाह की बात आज अचानक कर रहे हों, ऐसा नहीं है. नीतीश कुमार खुद भी अंतर्जातीय विवाह कर पहले ही अपने आप को साबित कर चुके थे.

नीतीश कुमार जब इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे थे उसी समय मंजू से शादी की बात तय कर ली थी. नीतीश कुमार पिछड़ा समाज से आते हैं जबकि पत्नी मंजू सिन्हा सामान्य वर्ग से आती थीं. नीतीश कुमार ने इंजीनियरिंग के बाद राजनीति में सक्रियता दिखाई. नीतीश कुमार की मंजू से शादी आसान नहीं थीं. काफी मशक्कत के बाद शादी हुई. शादी ठीक होने के बाद नीतीश कुमार को पता चला कि शादी में 22 हजार रुपए दहेज लिए जाने की बात सामने आ रही है तो नीतीश कुमार ने घर वालों से नाराजगी जताते हुए शादी नहीं करने की बात कह डाली.

बाद में बताया गया कि यह दहेज नहीं बल्कि लड़की वालों की तरफ से खुशी से उपहार दिया जा रहा है तो नीतीश कुमार ने इसे भी लेने से इंकार कर दिया और शर्त रखी कि बिना भोज और बिना कोई तामझाम के शादी होगी. 1971 में नीतीश कुमार ने मंजू के साथ कोर्ट मैरिज किया. इस दौरान ना तो कोई पार्टी हुई और ना ही कोई भोज. नीतीश कुमार जो आज बिहार में नया बदलाव की बात कर रहे हैं, वो खुद सालों पहले कर चुके जब कोई ऐसा सोचता तक नहीं था.जिस रास्ते पर जीवन भर नीतीश कुमार चले आज उसू रस्ते पर पुरे बिहार को चलाने की कोशिश में जुटे हुए हैं.

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