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सुधाकर सिंह ने CM नीतीश को दी चुनौती, दम है तो ……….

मंत्री को मंत्री पद से हटाने का CM को है अधिकार, हैसियत है तो विधायक को विधायकी से हटा दे.

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सिटी पोस्ट लाइव : मंत्री पद छीन जाने के बाद जनता के बीच हीरो बन गए हैं बिहार सरकार के पूर्व कृषि मंत्री सुधाकर सिंह.सुधाकर सिंह का कहना है कि मंत्री पद छीन जाने के बाद 5 लोग भी साथ नजर नहीं आते हैं.लेकिन उनके साथ पहले से ज्यादा लोग आ रहे हैं.गांव में अब ज्यादा लोग उनसे मिलने आ रहे हैं. ज्यादा लोग भाषण सुनते आ रहे हैं. गांव- देहात के 80 फीसदी लोग काफी शक्तिशाली और साहसी लोग हैं. उनको सत्ता प्रतिष्ठानों से बहुत लेना-देना नहीं होता है. उनकी जीविका सत्ता प्रतिष्ठानों से नहीं चलती है. ये बहादुरी से अपनी बात रखते हैं. न डरते हैं और न पीछे हटते हैं. हम ऐसे लोगों के ही प्रतिनिधि हैं. न डरेंगे न पीछे हटेंगे. जिन्हें बुरा लगा वे अपना रास्ता पकड़ें, हम अपने रास्ते पर रहेंगे.

 

सुधाकर सिंह का कहना है कि राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद ने कृषि मंत्री पद से इस्तीफा देने को कहा और उन्होंने इस्तीफा भेज दिया. लेकिन, इससे बड़ी बात यह है कि राष्ट्रीय जनता दल ने उन सवालों को 9 अक्टूबर को दिल्ली में हुई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के आर्थिक प्रस्ताव में बहुत तरजीह दी जिसे उन्होंने उठाया था.ये सवाल था बिहार सरकार द्वारा साल 2006 में लाए गए मंडी कानून को वापस लाने का. दूसरा सवाल था किसानों को मिनिमम सपोर्ट प्राइस देने का. तीसरा पैक्स का एकाधिकार खत्म करने का.

 

पूर्व मंत्री सुधाकर सिंह ने कहा कि मंत्री के रूप में मैं छोटा था, इसलिए हटा दिया गया. विधायकी से जिस दिन निकाल दें, तब न हम जानेंगे कि वह ताकतवार आदमी हैं.सुधाकर सिंह ने कहा कि जन-अभियानों में जब जाने का हमने तय किया तब ही तय हो गया था कि ऐसी छोटी-मोटी बातें होती रहेंगी. मंत्री बनना और इस्तीफा देना छोटी बातें हैं. यह मेरे लिए इंसाफ और नाइंसाफी जैसी कोई बात नहीं है. जिस मुद्दे को हम उठा रहे थे उसे बड़े स्तर पर उठाने में मैं कामयाब रहा. यह मेरी सबसे बड़ी उपलब्धि है.मेरे लिए यह गौरव की बात है.

सुधाकर सिंह ने कहा कि  मैंने तो मंत्री बनने से पहले भी कहा था कि मैं तो मंत्री से बड़े निकाय का सदस्य हूं. हम कार्यपालिका नहीं बल्कि विधायिका के सदस्य हैं जो संविधान में कानून बनाने वाली बड़ी निकाय है. मुख्यमंत्री को किसी मंत्री को मंत्री पद से हटाने का अधिकार है लेकिन यह हैसियत है किसी की कि विधायक को विधायकी से हटा दे. मंत्री के रूप में मैं छोटा था इसलिए हटा दिया गया. विधायकी से जिस दिन निकाल दें तो तब न हम मानेंगे कि वह ताकतवार आदमी है!

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