By, Shrikant Pratyush
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नल-जल योजना घोटाले में डिप्टी सीएम पर कार्रवाई नहीं होने पर भड़के तेजस्वी, 53 करोड़ के ठेके का खोल दिया पूरा राज

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नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव इन दिनों अपनी पार्टी को मजबूत करने में लगातार जुटे हुए हैं. वे दूसरे राज्यों का दौरा कर रहे हैं तो वहीं पटना में नेताओं व कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण शिविर के जरिये दिशा-निर्देश दे रहे हैं. वहीं, आज तेजस्वी यादव द्वारा प्रेस वार्ता आयोजित की गयी.

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सिटी पोस्ट लाइव: नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव इन दिनों अपनी पार्टी को मजबूत करने में लगातार जुटे हुए हैं. वे दूसरे राज्यों का दौरा कर रहे हैं तो वहीं पटना में नेताओं व कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण शिविर के जरिये दिशा-निर्देश दे रहे हैं. वहीं, आज तेजस्वी यादव द्वारा प्रेस वार्ता आयोजित की गयी. इस दौरान तेजस्वी यादव ने डिप्टी सीएम को आड़े हाथों ले लिया और जबरदस्त हमला बोल दिया. बता दें कि, कुछ दिन पहले ही नल-जल योजना में डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद के करीबियों की संलिप्तता घोटाले में पायी गयी थी.

इसी मुद्दे को लेकर तेजस्वी यादव ने अपना पूरा भड़ास निकाला. इस दौरान तेजस्वी यादव ने 53 करोड़ के ठेके का पूरा राज ही खोल दिया. उन्होंने कहा कि, डिप्टी सीएम पर आरोप लग रहे हैं लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गयी. इस घोटाले से कोई पंचायत नहीं बचा है. साथ ही कहा कि, कंपनी के डायरेक्टर डिप्टी सीएम के साले और दामाद हैं और काम करने के लिए 53 करोड़ का ठेका दिया गया है. पीएचईडी की नियमावली के अनुसार कोई अनुभव सरकारी काम में उस कंपनी का होना चाहिए लेकिन, इस कंपनी को कोई सरकारी काम का अनुभव रहा ही नहीं है. यह पूरा कॉट्रैक्ट मैनेज हुआ.

उन्होंने यह भी कहा कि, लगातार आवाज उठाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है. कंपनी खुद मानती है उनका अनुभव नहीं है लेकिन पैसा कैसे उठा रहे हैं. कंपनी खुद स्वीकार कर रही कोई पैसा नहीं उठा रहे आखिर पैसा कहा जा रहा है. उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी निशाने पर लेते हुए कहा कि, पहले 70 घोटाले हो चुके हैं. नीतीश कुमार भ्रष्टाचार पर सूचिता की बात करें. भ्रष्टाचार की बात पर मुंह में दही जमा रखे हैं.

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इस दौरान उन्होंने बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी को भी निशाना बनाते हुए कहा कि, जिस कंपनी को सरकारी काम का एक्सपीरियंस हो उसे काम नहीं मिलता. उस वक़्त बीजेपी के विधायक सुशील कुमार मोदी थे. तो क्या सुशील मोदी को पैसा दिया गया? तभी सुशील मोदी जी ने इनका नाम रिकमंड किया है. बता दें कि, डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद के करीबियों के द्वारा नल-जल योजना में 53 करोड़ रुपये का घोटाला करने का आरोप लगा है. वहीं, यह मामला काफी तूल पकड़ने लगा है.

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