By, Shrikant Pratyush
News 24X7 Hour

तेजस्वी के अभियान ने दिखाया अपना असर, अब भरने लगा है आरजेडी का खजाना

- sponsored -

0

2029 के लोकसभा चुनाव के बाद आरजेडी नेता तेजस्वी यादव के लिए शायद हीं कुछ अच्छा हुआ हो। चुनाव का परिणाम आया तो पार्टी जीरो पर आउट हो गयी थी। उनके लंबे अज्ञातवास पर सवाल उठे। महागठबंधन के सहयोगियों ने उनकी राजनीतिक परिपक्वता पर सवाल उठाया। परिवार में भी कलह की खबरें लगातार आती रही। लेकिन अब एक खबर आ रही है जिससे जरूर तेजस्वी यादव को सुकुन मिला होगा।

-sponsored-

तेजस्वी के अभियान ने दिखाया अपना असर, अब भरने लगा है आरजेडी का खजाना

सिटी पोस्ट लाइवः 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद आरजेडी नेता तेजस्वी यादव के लिए शायद हीं कुछ अच्छा हुआ हो। चुनाव का परिणाम आया तो पार्टी जीरो पर आउट हो गयी थी। उनके लंबे अज्ञातवास पर सवाल उठे। महागठबंधन के सहयोगियों ने उनकी राजनीतिक परिपक्वता पर सवाल उठाया। परिवार में भी कलह की खबरें लगातार आती रही। लेकिन अब एक खबर आ रही है जिससे जरूर तेजस्वी यादव को सुकुन मिला होगा। तेजस्वी यादव के नेतृत्व में चलाये जा रहे अभियान का असर यह हुआ है कि आरजेडी का खाली खजाना अब फिर से भरने लगा है।

मीडिया रिपोर्ट की मानें तो वर्ष 1997 में पार्टी गठन के बाद पहली बार ऐसा हुआ है कि पार्टी के सदस्यों की संख्या करोड़ में पहुंच गई है और पार्टी के खजाने में अच्छी खासी रकम भी आ गई है.आरजेडी चुनाव प्रचार अभियान से जुड़े नेता तनवीर हसन की मानें तो वर्ष 1997 में आरजेडी सदस्यों की संख्या 72 लाख थी जो आज एक करोड़ तक जा पहुंची है. पार्टी सूत्रों से मिले एक आंकड़े के मुताबिक अब तक आरजेडी ऑफलाइन सदस्यों की संख्या एक करोड़ के आसपास पहुंच गई है. इसमें अभी कुछ और इजाफा होने की संभावना है.

Also Read

-sponsored-

अकेले बिहार में 78 लाख 90 हजार सदस्य बने हैं, जबकि 16 लाख से ज्यादा लोग अन्य प्रदेशों से हैं. इसके अलावा लगभग सवा लाख लोगों ने ऑनलाइन सदस्यता ली है. बता दें कि आरजेडी ने सदस्यता अभियान शुल्क पांच रूपया रखा है उस हिसाब से अगर देखा जाए तो अनुमानित तौर पर अभी तक पार्टी के खाते में तकरीबन पांच करोड़ रुपए आए हैं.

-sponsered-

-sponsored-

Leave A Reply

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More