By, Shrikant Pratyush
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जानकारी मांगने वाले को भिखारी कहते हैं जिला सहकारिता पदाधिकारी, कांग्रेसी नेता ने मंत्री को लिखा पत्र

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क्या किसी सरकारी योजना से जुड़ी जानकारी किसी सरकारी अधिकारी से मांगना इतना बड़ा गुनाह है कि उसे भिखारी और न जाने क्या क्या कहा जाए? क्या आमलोगों के सवाल सरकारी कुर्सियों पर बैठे लोगों को इतने नागवार गुजरते हैं कि वे अभद्रता पर उतर आते हैं। मामला मधुबनी से जुड़ा हुआ है।

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जानकारी मांगने वाले को भिखारी कहते हैं जिला सहकारिता पदाधिकारी, कांग्रेसी नेता ने मंत्री को लिखा पत्र

सिटी पोस्ट लाइवः क्या किसी सरकारी योजना से जुड़ी जानकारी किसी सरकारी अधिकारी से मांगना इतना बड़ा गुनाह है कि उसे भिखारी और न जाने क्या क्या कहा जाए? क्या आमलोगों के सवाल सरकारी कुर्सियों पर बैठे लोगों को इतने नागवार गुजरते हैं कि वे अभद्रता पर उतर आते हैं। मामला मधुबनी से जुड़ा हुआ है। मधुबनी के जिला सहकारिता पदाधिकारी और एक सामाजिक कार्यकर्ता के बीच बातचीत का ऑडियो वायरल हो रहा है. इस संबंध में झंझारपुर के एक शख्स ने मधुबनी डीएम से जिला सहकारिता पदाधिकारी की शिकायत की है और कार्रवाई की मांग की है.

शिकायत करने वाले हरेराम मिश्रा ने आरोप लगाया है कि जब वे सहकारिता पदाधिकारी को योजना के बारे में जानकारी लेने के लिए फोन किया तो उन्होंने अभद्रता की है.हरेराम मिश्रा ने आरोप लगाते हुए कहा है कि जिला सहकारिता पदाधिकारी ने पूरे मधुबनी जिला और खास कर ब्राह्मण समाज को अपमानित करने का काम किया है. डीएम को दिए गए आवेदन में सहकारिता पदाधिकारी पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने जाति सूचक गाली दिया है. शिकायतकर्ता ने बताया कि फोन पर जिला सहकारिता पदाधिकारी ने कहा कि मधुबनी जिला के लोग भिखारी हैं. यहां के लोग सरकारी अनुदान के पीछे हमेशा लगे रहते हैं. यहां के लोग जनेऊ पहनकर पाखंड करते हैं.

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आवेदक हरेराम मिश्र ने डीएम को पूरी बातचीत का ऑडियो भी उपलब्ध कराया है.वहीं इस मामले में कांग्रेस विधान पार्षद ने आरोपी जिला सहकारिता पदाधिकारी पर कार्रवाई की मांग की है. कांग्रेस एमएलसी ने सहकारिता मंत्री को पत्र लिखकर इस तरह के व्यवहार करने वाले सहकारिता पदाधिकारी को तत्काल निलंबित करने की मांग की है. प्रेमचंद मिश्रा ने कहा कि किसी अधिकारी को यह अधिकार नहीं है कि पूरे जिले के लोगों और एक खास समाज के लोगों पर कटाक्ष करे या फिर अपमानित करे.

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