By, Shrikant Pratyush
News 24X7 Hour

बीजेपी की राह आसान नहीं! डिमांड पूरी नहीं होने पर सहयोगी ने दी रिश्ता तोड़ने की धमकी

- sponsored -

0

2019 के लिए बीजेपी की राह आसान नहीं है। न सिर्फ विरोधी उसकी मुश्किलों की वजह बने हैं बल्कि सहयोगी भी भाजपा की राह में मुश्किलें पैदा कर रहे हैं। अब यूपी में बीजेपी की सहयोगी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के महासचिव अरूण राजभर ने कहा है कि अगर भाजपा ने हमारी डिमांड नहीं मानी तो हम एनडीए से अपना रिश्ता तोड़ लेंगे। जाहिर है चुनाव से ऐन पहले सहयोगियों की डिमांड बढ़ रही है और नहीं पूरा होने पर दोस्ती तोड़ लेने की धमकी भी मिल रही है।

Below Featured Image

-sponsored-

बीजेपी की राह आसान नहीं! डिमांड पूरी नहीं होने पर सहयोगी ने दी रिश्ता तोड़ने की धमकी

सिटी पोस्ट लाइवः 2019 के लिए बीजेपी की राह आसान नहीं है। न सिर्फ विरोधी उसकी मुश्किलों की वजह बने हैं बल्कि सहयोगी भी भाजपा की राह में मुश्किलें पैदा कर रहे हैं। अब यूपी में बीजेपी की सहयोगी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के महासचिव अरूण राजभर ने कहा है कि अगर भाजपा ने हमारी डिमांड नहीं मानी तो हम एनडीए से अपना रिश्ता तोड़ लेंगे। जाहिर है चुनाव से ऐन पहले सहयोगियों की डिमांड बढ़ रही है और नहीं पूरा होने पर दोस्ती तोड़ लेने की धमकी भी मिल रही है। जानकारी के मुताबिक सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के महासचिव अरुण राजभर ने कहा कि अगर भाजपा हमारी ओर से उठाई गई मांगों से सहमत नहीं होती है तो निश्चित तौर पर हम उनसे रिश्ता तोड़ देंगे. अगर सामाजिक न्याय समिति की सिफारिशों को 24 फरवरी तक लागू नहीं किया गया तो हमारा भाजपा से रास्ता अलग होगा और उसके बाद हम उत्तर प्रदेश की सभी 80 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ेंगे.

उन्होंने कहा, ‘हम आवश्यकता पड़ने पर भाजपा विरोधी गठबंधन (सपा-बसपा) के साथ भी जा सकते हैं. उनके साथ कई दौर की वार्ता हो चुकी है राजभर ने कहा कि यह अंतिम चेतावनी है और 24 फरवरी के बाद भाजपा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा.सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अलावा नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) ने भी केंद्र में सत्तारूढ़ एनडीए से अलग होने की धमकी दी. एनपीपी के अध्यक्ष एवं मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड के संगमा ने धमकी दी है कि अगर यह विधेयक राज्यसभा में पारित होता है तो उनकी पार्टी केंद्र में सत्तारूढ़ राजग से अलग हो जाएगी.

Also Read

-sponsored-

संगमा ने कहा कि एनपीपी की  महासभा में इस आशय का एक प्रस्ताव पारित किया गया. उन्होंने बताया कि एनपीपी मेघालय के अलावा अरूणाचल प्रदेश, मणिपुर और नगालैंड की सरकारों को समर्थन दे रही है. महासभा में इन चारों पूर्वोत्तर राज्यों के पार्टी नेता मौजूद थे.

-sponsered-

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

-sponsored-

Leave A Reply

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More