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यूपी विधानसभा चुनाव में विकासशील इंसान पार्टी को मिल रहा अप्रत्याशित समर्थन : मुकेश सहनी

आरक्षण से मुकरने वाली भाजपा की हार सुनिश्चित करेगी वीआईपी

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सिटी पोस्ट लाइव : बिहार सरकार के मत्स्य एवं पशुपालन मंत्री मुकेश सहनी ने यूपी चुनाव में विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) को जनता का अप्रत्याशित समर्थन मिलने का दावा किया है। उन्होंने रैडिशन ब्लू  होटल में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान  कहा कि यूपी चुनाव में वीआईपी पार्टी को निषाद समाज का अप्रत्याशित समर्थन मिल रहा है। जिस जिस विधानसभा सीट पर हमारे प्रत्याशी हैं, वहां हमारे समाज में जागरूकता आयी है। जो जागरूकता बिहार में देखने को मिली थी , वही जागरूकता यहाँ भी देखने को मिल रही है।

मुकेश सहनी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी हमसे डर गई है। इस वजह से हमें और हमारे प्रत्याशियों को प्रशासन ने बहुत जगहों पर परेशान किया है। जैसे वे प्रशासनिक दुरुपयोग कर हमारे हेलीकॉप्टर और रैली के परमीशन को साजिश के तहत देर किया जाता है। जब हमारी रैली 2 बजे होती है, तो हमें अनुमति डेढ़ बजे दी जाती है। यह उनके डर को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यूपी विधानसभा की 104 सीटों पर अपने उम्मीदवार को टिकट दिए थे, भाजपा ने हमारे 50 उम्मीदवारो का नामांकन रदद् करा दिया। और हमें ऐसे कारण दिए गए, जिसका कोई मतलब नहीं है। उन्होंने कहा कि हमने पूरी सावधानी से दस्तावेज जांच परख कर नामांकन कराए थे।

सहनी ने कहा कि भाजपा के बेहद प्रयास के बाद भी अभी हमारे 54 प्रत्याशी चुनाव मैदान में पूरी दमखम के साथ चुनाव लड़ रहे हैं। इसमें हमारे उम्मीदवारों का वोट प्रतिशत बेहद अच्छा होगा और यह भाजपा की हाड़ में सबसे बड़ा योगदान होगा। भाजपा चुनाव हारेगी, क्योंकि हमारा समाज अब एकजुट हो गया है।

उन्होंने कहा कि निषाद समाज व अन्य वर्गों के लोगों का आशीर्वाद वीआइपी पार्टी को मिलेगी। सहनी ने कहा कि यहां मछुआरे के लिए मछली मारना भी आसान नहीं है, क्यों कि इसके नाम पर लाखों की वसूली हो रही है। जबकि बिहार में ऐसा नहीं है। बिहार में निषाद समाज के लिए हम मजबूती सर काम कर रहे हैं और अनुदान जैसी व्यवस्था कर रहे हैं। गंगा में बिहार में फिसिंग फ्री है, लेकिन यहां नहीं। उन्होंने कहा कि यूपी में निषाद समाज को आरक्षण दिलाना हमारी प्राथमिकता है। यही हमारी लड़ाई है और इसको लेकर एक बड़ा आंदोलन चला। इसमें हमारे अखिलेश निषाद जैसे लोग शहीद हुए। कुछ लोग नेता बने, लेकिन समाज के प्रति अपने दायित्वों को छोड़ कर भाजपा से जा मिले।

मंत्री ने कहा कि निषाद समाज के हक और अधिकार कि  लड़ाई लड़ रहे हैं। हमारा मकसद 2024 से पहले बिहार यूपी और झारखंड में अपने समाज के लिए आरक्षण हासिल करना है। इसलिए आरक्षण नहीं तो गठबंधन नहीं के फॉर्मूला पर हम काम कर रहे हैं। जहां हम लड़ रहे हैं, उस उम्मीदवार को जीत दिलाएं। जहां हमारे उम्मीदवार नहीं है, वहां से भाजपा को हराने का काम करे। उन्होंने कहा कि बिहार में हम नीतीश कुमार जी के साथ हैं। हर कोई देश मे चुनाव लड़ने को स्वतंत्र हैं। हम यहां मजबूती से चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं, पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए मुकेश सहनी ने कहा कि नीतीश कुमार जी के राष्ट्रपति बनने के बारे में कोई औपचारिक बातचीत नहीं हुई, लेकिन अगर वे राष्ट्रपति बनते हैं, तो यह हमारे लिए गर्व की बात होगी।

इस मौके पर राजीव मिश्रा, आनंद मधुकर यादव, राजाराम बिंद, शहीद अखिलेश निषाद के पिता आत्मा राम, अंकुर मौजूद रहे। वहीं आज से शहीद अखिलेश निषाद जी के पिता आत्मा राम जनता के बीच जाकर अपने साथ हुए घटना के बारे में बताएंगे।

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