By, Shrikant Pratyush
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जिन्दगी की जंग हारी उन्नाव गैंगरेप पीड़िता, चिराग पासवान ने PMO से किया निवेदन

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आग के हवाले की गई उन्नाव बलात्कार पीड़िता ने शुक्रवार देर रात यहां सफदरजंग अस्पताल में दम तोड़ दिया. पीड़िता की मौत के बाद समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव धरने पर बैठ गए हैं वो पीड़िता को इंसाफ दिलाने के लिए यूपी विधानसभा के बाहर धरने पर बैठे.

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जिन्दगी की जंग हारी उन्नाव गैंगरेप पीड़िता, चिराग पासवान ने PMO से किया निवेदन

सिटी पोस्ट लाइव : आग के हवाले की गई उन्नाव बलात्कार पीड़िता ने शुक्रवार देर रात यहां सफदरजंग अस्पताल में दम तोड़ दिया. पीड़िता की मौत के बाद समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव धरने पर बैठ गए हैं वो पीड़िता को इंसाफ दिलाने के लिए यूपी विधानसभा के बाहर धरने पर बैठे. वहीँ अब पीड़िता की मौत ने बिहार के जमुई संसदीय क्षेत्र के सांसद व लोजपा के राष्ट्रिय अध्यक्ष चिराग पासवान को भी झकझोर कर रख दिया है. पीड़िता के निधन पर चिराग ने संवेदना प्रकट की है. उन्होंने ट्वीट कर कहा है कि पीड़िता के निधन से दुखी हूं. अगर न्याय प्रणाली में जल्द न्याय देने का कानून होता तो आरोपी इनके साथ जघन्य अपराध नहीं कर पाते. उन्होंने पीएमओ  से आग्रह करते हुए कहा कि यदि कानून में सुधार कर कड़े और जल्द न्याय दिलाने का प्रावधान किए जाए, ताकि भविष्य में कोई भी ऐसी अप्रिय घटना नहीं घटे.

वहीं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी पीडिता की मौत पर आक्रोश प्रकट किया. उन्होंने कहा कि हैदराबाद की घटना के बाद से वे गुस्से में थे. इसके बाद उन्नाव की घटना. उन्नाव में जो हुआ वो बीजेपी के शासन में यह पहली घटना नहीं है. वो बेटी बहुत बहादुर थी और उसकी आखिरी शब्द थे कि वो जिंदा रहना चाहती है. उन्होंने कहा कि आज ये हमारे लिए काला दिवस है. एक बेटी को यूपी में न्याय पाने के लिए आत्मदाह करना पड़ा. उन्नाव की पीड़िता को इसलिए इंसाफ नहीं मिला क्योंकि आरोपी बीजेपी से हैं.

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गौरतलब है कि बृहस्पतिवार को जिंदा जलाए जाने के बाद बलात्कार पीड़िता को गंभीर हालत में दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल लाया गया था. वह 90 प्रतिशत तक जल चुकी थी. दिल्ली यातायात पुलिस ने पीड़िता को हवाई अड्डे से सफदरजंग अस्पताल तक ले जाने के लिए ग्रीन कॉरीडोर बनाया था. उसे लखनऊ से दिल्ली एयर एम्बुलेंस के जरिए लाया गया था. पीड़िता ने एसडीएम दयाशंकर पाठक के सामने दिए बयान में बताया था कि वह मामले की सुनवाई के लिए रायबरेली जा रही थी. जब वह गौरा मोड़ के पास पहुंची थी तभी पहले से मौजूद गांव के हरिशंकर त्रिवेदी, रामकिशोर त्रिवेदी, उमेश बाजपेयी और बलात्कार के आरोपी शिवम त्रिवेदी, शुभम त्रिवेदी ने उस पर हमला कर दिया और उस पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी.

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