By, Shrikant Pratyush
News 24X7 Hour

57 लाख परिवारों का पांच लाख तक का मुफ्त स्वास्थ्य बीमा कराया गया: संजय सेठ

;

- sponsored -

भाजपा सांसद संजय सेठ ने कहा कि झारखंड की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा बहाल हो सके, इसे लेकर राज्य सरकार ने इन पांच वर्षों में उल्लेखनीय कार्य किये।

[pro_ad_display_adzone id="49226"]

-sponsored-

57 लाख परिवारों का पांच लाख तक का मुफ्त स्वास्थ्य बीमा कराया गया: संजय सेठ
सिटी पोस्ट लाइव, रांची: भाजपा सांसद संजय सेठ ने कहा कि झारखंड की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा बहाल हो सके, इसे लेकर राज्य सरकार ने इन पांच वर्षों में उल्लेखनीय कार्य किये। सेठ ने रविवार को कहा कि झारखंड के 57 लाख परिवारों का पांच लाख तक का मुफ्त स्वास्थ्य बीमा कराया गया ताकि गरीबों का इलाज पैसे के अभाव में न रुके। अबतक दो लाख से अधिक झारखंडवासियों का इलाज आयुष्मान भारत योजना के तहत हो चुका है। सेठ ने कहा कि स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सेवाओं के मोर्चे पर देश में झारखंड के हालात में उल्लेखनीय रूप से सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 के पहले स्वास्थ्य के क्षेत्र में कोई काम नहीं हुआ, न मेडिकल कॉलेज खुले और न स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ी। हेमंत सरकार की प्राथमिकता सूची में स्वास्थ्य कभी रहा ही नहीं। उन्होंने कहा कि 67 सालों में मात्र तीन मेडिकल कॉलेज ही रहे लेकिन, भाजपा की रघुवर सरकार ने स्वास्थ्य को अपनी प्राथमिकता सूची में सबसे ऊपर रखा। राज्य में पांच नए मेडिकल कॉलेज खोले गए। दुमका, हज़ारीबाग व पलामू मेडिकल कॉलेज दो साल में बनकर तैयार हो गए। चाईबासा व कोडरमा में निर्माण कार्य चल रहा है। वहीं, देवघर में एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू हो चुकी है, रांची में कैंसर अस्पताल का निर्माण कार्य जारी है। इसके अलावा 15 नर्सिंग कॉलेज भी खुले। झारखंड में 108 एम्बुलेंस सेवा को सुदृढ़ किया गया, एम्बुलेंस में तमाम अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों से लैस किया गया। अबतक दो लाख 25 हज़ार से ज्यादा मरीजों का इलाज हुआ। उन्होंने कहा कि पूरे राज्य में 329 एम्बुलेंस सेवा कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अपने घोषणा पत्र में हेल्थ केअर को और सुलभ बनाने, पारम्परिक चिकित्सा पद्धति को और बेहतर बनाने का फैसला लिया है। इसके अलावा सरकार दवाएं और चिकित्सा उपकरण की सुगम पहुंच को भी प्राथमिकता सूची में सबसे ऊपर रखा है। प्रत्येक प्रमंडल में एक आयुष महाविद्यालय की स्थापना की जाएगी। साथ ही जिला अस्पतालों के साथ सभी स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों में आयुष सेवाओं को सुनिश्चित करने की दिशा में भी पहल की जाएगी. अनुसंधान को भी बढ़ावा दिया जाएगा।

-sponsered-

;

-sponsored-

Comments are closed.