By, Shrikant Pratyush
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महागठबंधन में बवाल, कुशवाहा और मुकेश सहनी ने मझदार में छोड़ दिया है मांझी को.

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सिटी पोस्ट लाइव :बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Elections)में ज्यादा से ज्यादा सीटें लेने को लेकर तेजस्वी यादव पर दबाव बनाने की उपेन्द्र कुशवाहा,जीतन राम मांझी और मुकेश सहनी की मुहीम बीच रास्ते दम तोड़ती नजर आ रही है. घटक दलों के नेता  खासकर जीतन राम मांझी,उपेन्द्र कुशवाहा और मुकेश सहनी ने आरजेडी (RJD) पर दबाव बनाने की रणनीति के तहत गोलबंद होकर काम कर रहे थे.लेकिन ये गोलबंदी बीच में ही टूट गई है.दरअसल,दिल्ली जाने से पहले उपेन्द्र कुशवाहा मुकेश सहनी को लेकर जीतन राम मांझी के घर देर रात गुप्त बैठक करने पहुंचे थे.शर्त ये थी कि मीडिया को इसकी जानकारी नहीं होनी चाहिए.लेकिन जीतन राम मांझी के घर मीडियावाले पहुँच गए.अखबारों में खबर छाप गई.फिर क्या था उपेन्द्र कुशवाहा और मुकेश सहनी भड़क गए.दोनों का मानना है कि अपना भाव बढाने के लिए मांझी ने गुप्त बैठक की खबर मीडिया को दे दी.

शुक्रवार की देर रात जीतन राम मांझी के आवास पर रालोसपा अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा और वीआईपी पार्टी के अध्यक्ष मुकेश सहनी की बैठक हुई थी. बैठक खत्म होने के बाद जैसे ही उपेन्द्र कुशवाहा और मुकेश सहनी बाहर निकले मीडिया वाले सामने आ गए.दोनों नेता कैमरा से चेहरा बचाते हुए बिना कुछ बोले निकल गए. मांझी आवास पर देर रात लगभग 2 घंटे चली इस बैठक में आरजेडी पर दबाव बनाने की कोई रणनीति नहीं बन पाई.सूत्रों के अनुसार उपेन्द्र कुशवाहा और मुकेश सहनी ने अब मांझी को छोड़ देने का फैसला ले लिया है.उनका मानना है कि मांझी अब नीतीश कुमार के साथ चले जायेगें.

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मांझी ने कांग्रेस के ज्यादा सीटों की मांग को जायज बताते हुए अपनी रणनीति के खुलासा कर दिया है.जीतन राम मांझी ने कहा कि कांग्रेस ज्यादा सीट पर चुनाव लड़ने का माद्दा रखती है इसलिए कांग्रेस के हर मांग के साथ खड़ा हूं.जीतन राम मांझी के आवास पर हुए बैठक के बार बनी रणनीति के मुताबिक मांझी और उपेन्द्र कुशवाहा जल्द दिल्ली पहुंचकर कांग्रेस के आलाकमान से मुलाकात करेगें. माना जा रहा है कि इस बार सीट बंटवारे को लेकर पिछले लोकसभा की तरह फजीहत नही उठाना चाहती. इसलिए सहयोगियों के साथ मिलकर चौतरफा दबाव बनाना चाहती है.लेकिन अब लगता है मांझी को बीच में ही छोड़ देने का फैसला मुकेश सहनी औरुपेंद्र कुशवाहा कर चुके हैं.

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