By, Shrikant Pratyush
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उपेन्द्र कुशवाहा ने जातीय जनगणना का किया समर्थन, इसे सामाजिक मुद्दा बताया

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जदयू के संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा इन दिनों अपने दो दिवसीय दौरे को लेकर जिलों का जायजा ले रहे हैं. वहीं, बिहार की सियासत में जातीय जनगणना का मुद्दा भी काफी चर्चा में है. इसे लेकर उपेन्द्र कुशवाह ने अपना समर्थन दे दिया है.

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सिटी पोस्ट लाइव: जदयू के संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा इन दिनों अपने दो दिवसीय दौरे को लेकर जिलों का जायजा ले रहे हैं. वहीं, बिहार की सियासत में जातीय जनगणना का मुद्दा भी काफी चर्चा में है. इसे लेकर उपेन्द्र कुशवाह ने अपना समर्थन दे दिया है. उपेंद्र कुशवाहा ने जातीय जनगणना का पक्ष लेते हुए कहा कि, यह कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं है बल्कि यह एक सामाजिक मुद्दा है. साथ ही कहा कि जनता दल यूनाइटेड इसके पक्ष में है और इसका समर्थन करती है.

बता दें कि, उपेन्द्र कुशवाहा अपने दो दिवसीय दौरे को लेकर सासाराम पहुंचे है जहां, उन्होंने प्रेस कांफ्रेंस आयोजित की और जातीय जनगणना को लेकर अपना बयान दिया. उन्होंने यह भी कहा कि, जदयू चाहती है कि जातीय जनगणना हो. जातीय जनगणना के बाद ही यह पता चल पायेगा कि कौन सी जातियां कितनी संख्या में हैं. साथ ही सरकार को भी पिछड़े, दलितों की योजनाओं के क्रियान्वयन में इससे आंकड़े प्राप्त होंगी. यह आंकड़े प्राप्त होने पर ही इसका लाभ लोगों को मिलेगा और सरकार भी व्यवस्थित तरीके से अपनी योजनाओं को जनता तक पहुंचा सकेंगी.

बात दें कि, जातीय जनगणना को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सरकार पर बड़ा हमला किया था. उनका कहना था कि, जहां गाय, बैल, घोड़े की गिनती हो सकती है वहां लेकिन जातीय जनगणना की बात आने पर सरकार पीछे हट जाते हैं. बता दें कि, इससे पहले उपेन्द्र कुशवाह ने जदयू के कार्यकाल को लेकर दावा करते हुए कहा था कि, नीतीश सरकार पूरे 5 सालों तक चलेगी और जदयू आज भी नंबर वन पार्टी है.

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