By, Shrikant Pratyush
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उपेंद्र कुशवाहा मिलेगी बड़ी जिम्मेवारी, प्रदेश अध्यक्ष कुशवाहा का हटना तय

कल से कुर्सी बचाने के लिए दौरा पर निकल रहे हैं प्रदेश अध्यक्ष कुशवाहा ,जानिये क्या है तैयारी?

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उपेन्द्र  कुशवाहा जैसे बड़े नेता के JDU में आने से JDU के कई बड़े नेताओं की कुर्सी हिलने लगी है.सूत्रों के अनुसार upendra कुशवाहा को पार्टी में बड़ी जिम्मेवारी मिलनेवाली है.upendra कुशवाहा अगर राष्ट्रिय अध्यक्ष नहीं भी बने तो उनका प्रदेश अध्यक्ष बनना तय है.

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सिटी पोस्ट लाइव : उपेन्द्र  कुशवाहा जैसे बड़े नेता के JDU में आने से JDU के कई बड़े नेताओं की कुर्सी हिलने लगी है. सूत्रों के अनुसार upendra कुशवाहा को पार्टी में बड़ी जिम्मेवारी मिलनेवाली है.upendra कुशवाहा अगर राष्ट्रिय अध्यक्ष नहीं भी बने तो उनका प्रदेश अध्यक्ष बनना तय है. सूत्रों के अनुसार नीतीश कुमार ललन सिंह  को राष्ट्रिय अध्यक्ष और उपेन्द्र  कुशवाहा को प्रदेश अध्यक्ष बना सकते हैं.जाहिर है दल जनता दल यूनाईटेड (JDU) के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा की कुर्सी खतरे में है. सूत्रों के अनुसार, जब से उपेंद्र कुशवाहा ने JDU जॉइन की है तब से उनकी कुर्सी पर ग्रहण लग गया है. उपेंद्र कुशवाहा को जल्द बड़ा पद मिलेगा. इसका संकेत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी दे चुके हैं.

सूत्रों के अनुसार upendra कुशवाहा राष्ट्रीय अध्यक्ष बने या प्रदेश अध्यक्ष, दोनों ही सूरत में उमेश कुशवाहा की कुर्सी जाएगी क्योंकि उपेंद्र और उमेश दोनों एक ही समाज से आते हैं. नीतीश कुमार एक ही समाज को दोनों पद नहीं देगें. ऐसे में आखिरी दौर में उमेश कुशवाहा अपना पद बचाने के लिए बिहार यात्रा पर निकलने वाले हैं. उनके प्रदेश अध्यक्ष का कार्यकाल 31 जुलाई को तय हो जाएगा. माना जा रहा है कि 31 जुलाई को JDU की होने वाली राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में नए राष्ट्रीय अध्यक्ष का फैसला हो जाएगा. ऐसी हालत में उस दिन तय हो जाएगा कि उमेश कुशवाहा की प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी की मियाद कितने दिन रहने वाली है या फिर खत्म होने वाली है.

राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के अगले महीने प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक होगी. इस बैठक में प्रदेश अध्यक्ष पर भी फैसला हो जाएगा. फिलहाल, उमेश कुशवाहा 24 जुलाई से चार दिनों के लिए बिहार के अलग-अलग जिलों के दौरे पर निकलेंगे. 24 जुलाई को पूर्णिया, 25 जुलाई को कटिहार, 26 को किशनगंज और 27 जुलाई को अररिया जाएंगे. जिलों में वह पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक भी करेंगे और संगठन की मजबूती पर चर्चा करेंगे. उमेश कुशवाहा 10 जनवरी को पार्टी का प्रदेश नेतृत्व संभालने के बाद कुछ खास नहीं कर पाए हैं. लगभग 2 से 3 महीने का समय कोरोना की दूसरी लहर के दौर में निकल गया और अब उनकी भूमिका में बदलाव की अटकलें लग रही हैं.

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