By, Shrikant Pratyush
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NDA से अलग होने का फैसला अभी क्यों नहीं ले पायेगें उपेन्द्र कुशवाहा?

NDA छोड़ने की बजाय नीतीश सरकार के खिआफ आन्दोलन शुरू करने का कर सकते हैं एलान

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NDA से अलग होने का फैसला अभी क्यों नहीं ले पायेगें उपेन्द्र कुशवाहा?

सिटी पोस्ट लाइव :एनडीए के मुख्य घटक दल राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के सुप्रीमो उपेन्द्र कुशवाहा क्या फैसला लेगें ,इस बात पर सबकी नजर टिकी हुई है. पार्टी की राष्ट्रिय कार्यकारिणी की बैठक में फैसला  लेने के लिए उपेन्द्र कुशवाहा को अधिकृत कर दिया गया है. लेकिन पार्टी के इस महत्वपूर्ण बैठक में भगवन सिंह कुशवाहा जैसे बड़े नेताओं का गायब रहने से यह तय हो गया है कि उपेन्द्र कुशवाहा चाहें जो भी फैसला लें, उनकी पार्टी में टूट निश्चित है. गौरतलब है कि तीन दिन पहले ही भगवन सिंह कुशवाहा ने सिटी पोस्ट लाइव को दिए गए एक विशेष साक्षत्कार के दौरान पार्टी के तमाम विधायकों और सांसदों के साथ कई दर्जन नेताओं के JDU में शामिल होने का एलान कर दिया था.

बाल्मीकि नगर में दो दिनों की रालोसपा की बैठक में कोई बड़ा फैसला नहीं हो पाया. कहने के लिए पार्टी की तरफ से उपेन्द्र कुशवाहा को फैसला लेने के लिए अधिकृत कर दिया गया है. पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा अपना फैसला  गुरुवार को मोतिहारी में होने वाले खुले अधिवेशन में सुउपेन्द्र कुशवाहा इस दिन कोई बड़ा निर्णय ले सकते हैं. लेकिन सिटी पोस्ट लाइव के सूत्रों के अनुसार इस दिन भी उपेन्द्र कुशवाहा NDA से अलग होने का एलान नहीं करेगें. इस दिन वो नीतीश कुमार की सरकार के खिलाफ आन्दोलन चलाने का एलान कर सकते हैं. यानी वो चाहते हैं कि उन्हें NDA से बाहर करने का फैसला खुद बीजेपी ले. वो खुद मंत्री पद से इस्तीफा नहीं देकर अपनी बर्खास्तगी चाहते हैं. इसी रणनीति के तहत वो अभी NDA से अलग होने का एलान करने की बजाय NDA में रहते हुए बिहार में नीतीश सरकार यानी NDA की सरकार के खिलाफ आन्दोलन शुरू करने का एलान करेगें.

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पार्टी महासचिव एवं प्रवक्ता माधव आनंद ने सिटी पोस्ट लाइव से कहा कि  एनडीए में रहने के लिए अनुकूल स्थिति नहीं है. लेकिन पार्टी ने क्या फैसला लिया वो अभी नहीं बता रहे हैं.हालांकि उन्होंने इतना जरुर कहा कि उनकी पार्टी कोई तीसरा मोर्चा नहीं बनायेगी. NDA या फिर UPA में से किसी एक को अपना साथी चुनेगी.रालोसपा के राष्ट्रीय महासचिव ने बताया कि वाल्मीकिनगर में हुए दो दिनों के चिंतन शिविर में पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने अंतिम फैसला लेने का अधिकार राष्ट्रीय अध्यक्ष को सौंपा है. इसमें राष्ट्रीय पदाधिकारी, प्रदेश पदाधिकारी एवं जिला स्तर के पदाधिकारी भी निर्णय प्रक्रिया में शामिल रहे.अब फैसला गुरुवार को मोतिहारी में पार्टी सुप्रीमो उपेन्द्र कुशवाहा सुनाएगें.

चिंतन शिविर की समाप्ति के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में रालोसपा प्रवक्ता ने बिहार बीजेपी को जेडीयू की बी टीम बताते हुए  कहा कि बीजेपी ने नीतीश कुमार के सामने घुटने टेक दिए हैं. राममंदिर के मुद्दे पर माधव आनंद ने कहा कि जब-जब चुनाव आता है, तब-तब बीजेपी को राम मंदिर याद आता है. राम मंदिर के निर्माण में किसी पॉलिटिकल पार्टी की दखलअंदाजी नहीं होनी चाहिए.उन्होंने कहा कि रालोसपा ने नीतीश सरकार को उखाड़ फेंकने का संकल्प लिया है क्योंकि  इनकी कथनी और करनी में अंतर है. नीतीश सरकार घोटाले की सरकार है और करप्शन, कम्यूलाइजेशन और क्राइम तीनों मोर्चों पर फेल है.लेकिन माधव ये नहीं बता पाए कि पार्टी ने NDA को छोड़ देने का फैसला ले लिया है या नहीं.

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