By, Shrikant Pratyush
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इशारों-इशारों में किसको सुना रहे हैं अजय आलोक? ‘आंदोलन के वसूल भूल गये नेता’

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25 जून यानि वो तारीख जब देश में इमरजेंसी लगी थी। 25 जून 1975 को देश पर आपातकाल लगाया गया गया था। आज भी 25 जून की तारीख है। आपातकाल की बरसी पर जेडीयू नेता और पूर्व प्रवक्ता अजय आलोक ने ट्वीट किया है। खुलकर तो कुछ नहीं कहा है

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इशारों-इशारों में किसको सुना रहे हैं अजय आलोक? ‘आंदोलन के वसूल भूल गये नेता’

सिटी पोस्ट लाइवः 25 जून यानि वो तारीख जब देश में इमरजेंसी लगी थी। 25 जून 1975 को देश पर आपातकाल लगाया गया गया था। आज भी 25 जून की तारीख है। आपातकाल की बरसी पर जेडीयू नेता और पूर्व प्रवक्ता अजय आलोक ने ट्वीट किया है। खुलकर तो कुछ नहीं कहा है लेकिन संकेत यही है कि उन्होंने जो लिखा वो उनके अपनों के लिए भी है और गैरों के लिए भी है। यानि अप्रत्यक्ष तरीके और सधे शब्दों में हीं सही लेकिन अजय आलोक ने बहुत कुछ सुना दिया है। अजय आलोक ने अपने ट्वीट में लिखा-‘ 25 जून की रात कोई भूल सकता है इस देश में? इमरजेंसी आज हीं लगी थी और विरोध में आंदोलन हुआ और नेता पैदा हुए जो आज देश के शीर्ष राजनेताओं में शामिल हैं। क्या अपने उन दिनों के आदर्श पर आज ये नेता कायम हैं? वर्तमान राजनीति का एक हीं वसूल, हमारा कोई वसूल नहीं। कोई मानेगा नहीं।’

आपको बता दें कि अजय आलोक ने हाल में हीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पश्चिम बंगाल को मिनी पाकिस्तान नहीं बनाने की नसीहत दी थी जिसके बाद उनकी पार्टी उनसे नाराज हो गयी थी। बाद में अजय आलोक ने यह कहते हुए प्रवक्ता पद से इस्तीफा दे दिया था कि उनकी विचारधारा उनकी पार्टी की विचारधारा से मेल नहीं खाती इस वजह से वे इस्तीफा दे रहे हैं। उनके इस ताजा ट्वीट से यह संकेत भी हैं कि कहीं उनका इशारा नीतीश पर भी नहीं है क्योंकि नीतीश कुमार भी इमरजेंसी की उपज माने जाते हैं और आज देश के शीर्ष नेताओं में से एक हैं।

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