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सासाराम में क्यों सम्राट अशोक की जयंती मनाना चाहती है BJP.

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सिटी पोस्ट लाइव : सासाराम में बीजेपी का होनेवाला कार्यक्रम सम्राट अशोक जयंती समारोह रद्द हो गया है.इस समारोह के रद्द होने से प्रशासन ने राहत की सांस ली है.दरअसल, सासाराम में सम्राट अशोक जयंती मनाने के पीछे बीजेपी की विशेष योजना थी.बीजेपी नेता सम्राट चौधरी सासाराम के सम्राट अशोक के शिलालेखों को मिटाए जाने और शिलालेख स्‍थल पर एक समुदाय विशेष के कब्‍जा का आरोप लगाते रहे हैं.पिछले साल भी उन्होंने सासाराम में सम्राट अशोक के शिलालेखों को मुक्त कराने के लिए आन्दोलन किया था.

उनका कहना है कि सम्राट अशोक के साक्ष्‍यों को मिटाने की साजिश लगातार जारी है. इस साजिश का आरोपी बीजेपी नीतीश कुमार और आरजेडी की सरकार को बता रही है. बीजेपी नेता सम्राट चौधरी ने सम्राट अशोक के शिलालेखों को मिटाए जाने और शिलालेख स्‍थल पर कब्‍जा किए जाने को लेकर बहुत पहले मोर्चा खोल दिया था. अपने इसी अभियान को मुकाम तक पहुंचाने के लिए उन्होंने समारत अशोक की जयंती सासाराम में मनाने का फैसला लिया था.

सम्राट अशोक से जुड़े स्थल पर अतिक्रमण काफी लंबे समय से चल रहा है. एक समुदाय विशेष के लोगों ने यहां मजार बना कर यहां चादर चढ़ानी शुरू कर दी है.ताकि इस विवादित घर्म स्‍थल घोषित कर दिया जा सके. इस जगह को सफेद चूने से पोत दिया गया है जिसकी वजह से शिलालेखों को काफी नुकसान पहुंचा है. इतना ही नहीं सासाराम की चंदन क पहाड़ी पर मौजूद शिला लेखों को भी मिटाने का प्रयास किया गया. जिस तरीके से इन शिलालेखों को मिटाने का प्रयास किया गया है वह यह बताने के लिए काफी है कि इसके लिए लोहे के औजारों का प्रयोग भी किया गया है.

सम्राट चौधरी सासाराम में सम्राट अशोक की जयंती के बहाने केन्द्रीय गृह मंत्री को बुलाकर इस मामले को हवा देने की कोशिश कर रहे थे.लेकिन रामनवमी को लेकर हुए हिंसा की वजह से अमित शाह का कार्यक्रम रद्द करना पड़ा.सम्राट चौधरी ने आरोप लगाया है कि नीतीश कुमार से बिहार संभल नहीं रहा है.वहीं जेडीयू ने पलटवार करते हुए कहा है कि अमित शाह ने डर से अपना कार्यक्रम रद्द कर दिया क्योंकि उनकी सरकार ने आजतक सम्राट अशोक के लिए कुछ किया नहीं है.

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