खाली पेट खजूर खाने के फायदे: रमजान में क्यों बढ़ जाती है इसकी डिमांड?…

Ritu Raj

रमजान के मुकद्दस महीने में दुनिया भर के मुसलमान शाम को सूरज ढलते ही खजूर खाकर अपना रोजा खोलते हैं। यह परंपरा जितनी धार्मिक है, उतनी ही वैज्ञानिक रूप से तर्कसंगत भी। आइए समझते हैं कि इफ्तार की मेज पर खजूर को ‘सुपरफूड’ क्यों माना जाता है।

दिन भर के फाके (उपवास) के बाद शरीर का ग्लूकोज लेवल काफी गिर जाता है। खजूर में मौजूद नेचुरल शुगर (ग्लूकोज और फ्रुक्टोज) खून में मिलते ही शरीर को तुरंत ऊर्जा प्रदान करते हैं। इसके जटिल कार्बोहाइड्रेट्स यह सुनिश्चित करते हैं कि ऊर्जा का स्तर अचानक गिर न जाए और लंबे समय तक बना रहे। लंबे समय तक खाली पेट रहने के कारण पाचन प्रक्रिया धीमी हो जाती है। खजूर में मौजूद डाइटरी फाइबर आंतों को सक्रिय करते हैं। दरअसल, यह पेट को भारी भोजन ग्रहण करने के लिए तैयार करता है, जिससे कब्ज और पेट फूलने जैसी समस्याएं नहीं होतीं।

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पोषक तत्वों का खजाना;
पोटैशियम: यह इलेक्ट्रोलाइट्स को बैलेंस करता है और डिहाइड्रेशन से बचाता है।
आयरन और बी6: थकान दूर करने और खून की कमी को पूरा करने में सहायक।
मैग्नीशियम: मांसपेशियों की ऐंठन को कम करने में मददगार।

ओवरईटिंग से बचाव;
इस्लामी परंपरा के अनुसार 3 या 5 खजूर खाकर नमाज पढ़ना वैज्ञानिक रूप से भी सही है। खजूर खाने से मस्तिष्क को ‘पेट भरने’ का संकेत जल्दी मिल जाता है। इससे जब आप मुख्य भोजन करते हैं, तो जरूरत से ज्यादा खाने की संभावना कम हो जाती है, जिससे वजन नियंत्रित रहता है।

खजूर को डाइट में शामिल करने के मजेदार तरीके;
अगर आप सादा खजूर खाकर बोर हो गए हैं, तो इन तरीकों को आजमा सकते हैं:-
खजूर शेक: इसे दूध और थोड़े से नट्स के साथ ब्लेंड करें।
स्टफ्ड डेट्स: खजूर के बीच से गुठली निकालकर उसमें बादाम या अखरोट भर दें।
योगर्ट डिप: दही के साथ बारीक कटे खजूर मिलाकर खाएं।

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