By, Shrikant Pratyush
News 24X7 Hour

छठ पूजा को लेकर प्रशासन सतर्क, पटना में गंगा नदी में नाव परिचालन पर रोक

Above Post Content

- sponsored -

0
Below Featured Image

-sponsored-

छठ पूजा को लेकर प्रशासन सतर्क, पटना में गंगा नदी में नाव परिचालन पर रोक

सिटी पोस्ट लाइव : पटना में छठ महापर्व को लेकर प्रशासन बेहद चौकस है. इसबार जिला प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था में कोई चूक होने देने के मूड में नहीं है. पटना के डीएम कुमार रवि के निर्देश पर सदर अनुमंडलाधिकारी सुहर्ष भगत ने 11 से 14 नवंबर तक गंगा नदी में नाव परिचालन पर रोक लगा दी है. छठ पूजा के दौरान गंगा में होने वालों नाव हादशों को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने यह व्यवस्था की है.

छठ के समय गंगा नदी में अनाधिकृक रूप से नाव पर परिचालन किया जाता है. कभी-कभी तो नावों को औवरलोड भी कर लिया जाता है. इससे हादसा होने की संभावना बनी रहती है. प्रशासन ने ऐतियातन गंगा में नावों के परिचालन पर रोक लगाया है. ताकि किसी तरह के हादसा न हो. इसलिए रविवार सुबह से ही 14 नवंबर तक नावों के परिचालन पर रोक लगा दी गई है.

Also Read

-sponsored-

नहाय-खाय के साथ ही आज 11 नवंबर रविवार को महापर्व छठ पूजा की शुरुआत हो चुकी है. आज रविवार सुबह व्रती पूजा के बाद नहाय-खाय के साथ छठ पूजा का अनुष्ठान शुरू कर चुकी हैं. इस दौरान चावल, चने की दाल व लौकी की सब्जी प्रसाद के रूप में व्रतधारी ग्रहण करते हैं.इसके साथ ही आज से खरना की तैयारी भी शुरू हो जायेगी. इस दिन गुड़ व चावल की विशेष खीर बनाई जाती है. व्रती के खाने के बाद इसे लोगों में प्रसाद के रूप में वितरित किया जाता है. इसके बाद व्रतधारी छठ पूजा का प्रसाद ठेकुआ बनायेगीं.

घरों में छठ पर्व को लेकर उल्लास का माहौल है. जगह-जगह छठ मइया के गीत बज रहे हैं. नहाय-खाय के लिए महिलाओं ने बाजार से पूरी खरीदारी भी कर ली है. नहाय-खाय वाले दिन से छठ पर्व की शुरुआत मानी जाती है. दूसरे दिन खरना होता है. तीसरे दिन अस्ताचलगामी सूर्य और चौथे दिन उदय होते ही सूर्य को अ‌र्घ्य देने के साथ ही पर्व का समापन हो जाता है.लोगों की मान्यता है कि छठ  पूजा के अनुष्ठान से सारी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. बिगड़े काम बन जाते हैं. राबडी देबी इसबार छठ पूजा नहीं कर पा रही हैं.

-sponsered-

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

-sponsored-

Leave A Reply

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More