By, Shrikant Pratyush
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01 मार्च को सूर्योदय के समय फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी तिथि, इसी दिन है महाशिवरात्रि.

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सिटी पोस्ट लाइव : फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि (Chaturdashi Tithi) को महाशिवरात्रि (Mahashivratri) है. तिथि को लेकर महाशिवरात्रि की तारीख पर कन्फ्यूजन होता है. इस साल भी महाशिवरात्रि 01 मार्च और 02 मार्च को बताया जा रहा है.है.कोई भी व्रत एवं त्योहार हिन्दू कैलेंडर में तिथि के आधार पर निर्धारित होता है. अंग्रेजी कैलेंडर में 24 घंटे का एक दिन और एक तारीख होती है, जबकि हिन्दू कैलेंडर या पंचांग में तिथियों का समय कम या ज्याद होता है. तिथी कभी 30 घंटे की भी हो सकती है और 19 घंटे की भी. इस वजह से व्रत के लिए अंग्रेजी कैलेंडर की तारीखों को लेकर दुविधा की स्थिति बन जाती है.

​पंचांग में सूर्योदय यानी उदयातिथि को प्राथमिकता दी जाती है. सूर्योदय के समय जो तिथि होगी, उस आधार पर ही व्रत एवं त्योहार होंगे. कई बार पूजा मुहूर्त, योग एवं नक्षत्र के कारण भी व्रत के दिन तय होते हैं. अब बात करते हैं महाशिवरात्रि की तारीख के बारे में.इस साल फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि का प्रारंभ 01 मार्च दिन मंगलवार को 03 बजकर 16 ए एम पर हो रहा है, जबकि इस तिथि का समापन 02 मार्च दिन बुधवार को 01:00 ए एम पर हो रहा है. अब देखा जाए तो 01 मार्च को सूर्योदय के समय फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी तिथि है और इस तिथि में ही महाशिवरात्रि मनाई जाती है.

02 मार्च को चतुर्दशी तिथि का समापन 01:00 ए एम पर हो रहा है, इस समय तक सूर्योदय नहीं हुआ है. ऐसे में 02 मार्च को फाल्गुन माह की अमावस्या तिथि प्रारंभ हो जा रही है, तो उस दिन फाल्गुन अमावस्या होगी. इस प्रकार से इस साल महाशिवरात्रि 01 मार्च दिन मंगलवार को मनाना चाहिए. बाकी आप और स्पष्टता के लिए किसी योग्य ज्योतिषाचार्य से संपर्क कर सकते हैं.निशिता काल पूजा समय: देर रात 12 बजकर 08 मिनट से 12 बजकर 58 मिनट तक महाशिवरात्रि को धनिष्ठा नक्षत्र में परिघ योग और बाद में शिव योग बन रहा है. आप महाशिवरात्रि को दिन के अन्य समयों में भी पूजा कर सकते हैं. वैसे उस दिन का शुभ मुहूर्त दोपहर 12:10 बजे से लेकर दोपहर 12:57 बजे तक है.

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