By, Shrikant Pratyush
News 24X7 Hour

हिन्दू-धर्म में गायत्री मंत्र का महातम, जानिये हर देवी-देवता का अलग-अलग गायत्री मंत्र

- sponsored -

0

हिन्दू धर्म में गायत्री मंत्र का बड़ा ही महत्त्व है. शायद ही कोई हिन्दू हो जो इस मंत्र से अपरिचित हो. यह मंत्र हर कोई जनता है और ज्यादातर लोग कोई भी पूजा-पाठ शुरू करने से पहले गायत्री मंत्र का जाप जरुर करता है. लेकिन आपको ये जानना बेहद जरुरी है कि हर देबी देवता के लिए अलग अलग गायत्री मंत्र है.

Below Featured Image

-sponsored-

हिन्दू-धर्म में गायत्री मंत्र का महातम, जानिये हर देवी-देवता का अलग-अलग गायत्री मंत्र

सिटी पोस्ट लाइव : हिन्दू धर्म में गायत्री मंत्र का बड़ा ही महत्त्व है. शायद ही कोई हिन्दू हो जो इस मंत्र से अपरिचित हो. यह मंत्र हर कोई जनता है और ज्यादातर लोग कोई भी पूजा-पाठ शुरू करने से पहले गायत्री मंत्र का जाप जरुर करता है. लेकिन आपको ये जानना बेहद जरुरी है कि हर देबी देवता के लिए अलग अलग गायत्री मंत्र है.

मूल गायत्री मन्त्र-मंत्र : ” ॐ भूर्भुव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो न: प्रचोदयात् “

Also Read

-sponsored-

  1. गणेश :- ॐ एकदन्ताय विद्महे, वक्रतुण्डाय धीमहि, तन्नो दन्ती प्रचोदयात् ।।

  1. गणेश :- ॐ तत्पुरुषाय विद्महे, वक्रतुण्डाय धीमहि, तन्नो दन्ती प्रचोदयात् ।।
  2. ब्रह्मा :- ॐ वेदात्मने विद्महे, हिरण्यगर्भाय धीमहि, तन्नो ब्रह्म प्रचोदयात् ।।
  3. ब्रह्मा :- ॐ चतुर्मुखाय विद्महे, कमण्डलु धाराय धीमहि, तन्नो ब्रह्म प्रचोदयात् ।।
  4. ब्रह्मा:- ॐ परमेश्वर्याय विद्महे, परतत्वाय धीमहि, तन्नो ब्रह्म प्रचोदयात् ।।
  5. विष्णु:- ॐ नारायणाय विद्महे, वासुदेवाय धीमहि, तन्नो विष्णु प्रचोदयात् ।।
  6. रुद्र :- ॐ तत्पुरुषाय विद्महे, महादेवाय धीमहि, तन्नो रुद्र: प्रचोदयात् ।।
  7. रुद्र :- ॐ पंचवक्त्राय विद्महे, सहस्राक्षाय महादेवाय धीमहि, तन्नो रुद्र प्रचोदयात् ।।
  8. दक्षिणामूर्ति :- ॐ दक्षिणामूर्तये विद्महे, ध्यानस्थाय धीमहि, तन्नो धीश: प्रचोदयात् ।।
  9. हयग्रीव:- ॐ वागीश्वराय विद्महे, हयग्रीवाय धीमहि, तन्नो हंस: प्रचोदयात् ।।
  10. दुर्गा:ॐ कात्यायन्यै विद्महे, कन्याकुमार्ये च धीमहि, तन्नो दुर्गा प्रचोदयात् ।।
  11. दुर्गा: ॐ महाशूलिन्यै विद्महे, महादुर्गायै धीमहि, तन्नो भगवती प्रचोदयात् ।।
  12. दुर्गा :ॐ गिरिजाय च विद्महे, शिवप्रियाय चधीमहि, तन्नो दुर्गा प्रचोदयात् ।।
  13. सरस्वती :ॐ वाग्देव्यै च विद्महे, कामराजाय धीमहि, तन्नो देवी प्रचोदयात् ।
  14. लक्ष्मी: ॐ महादेव्यै च विद्महे, विष्णुपत्न्यै च धीमहि, तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् ।।
  15. शक्ति :- ॐ सर्वसंमोहिन्यै विद्महे, विश्वजनन्यै धीमहि, तन्नो शक्ति प्रचोदयात् ।।
  16. अन्नपूर्णा :- ॐ भगवत्यै च विद्महे, महेश्वर्यै च धीमहि, तन्नोन्नपूर्णा प्रचोदयात् ।।
  17. काली :- ॐ कालिकायै च विद्महे, श्मशानवासिन्यै धीमहि, तन्नो घोरा प्रचोदयात् ।।
  18. नन्दिकेश्वरा :- ॐ तत्पुरुषाय विद्महे, नन्दिकेश्वराय धीमहि, तन्नो वृषभ: प्रचोदयात् ।।

  1. गरुड़ :- ॐ तत्पुरूषाय विद्महे, सुवर्णपक्षाय धीमहि, तन्नो गरुड: प्रचोदयात् ।।
  2. हनुमान :- ॐ आंजनेयाय विद्महे, वायुपुत्राय धीमहि, तन्नो हनुमान् प्रचोदयात् ।।
  3. हनुमान :- ॐ वायुपुत्राय विद्महे, रामदूताय धीमहि, तन्नो हनुमत् प्रचोदयात् ।।
  4. शण्मुख :- ॐ तत्पुरुषाय विद्महे, महासेनाय धीमहि, तन्नो शण्मुख प्रचोदयात् ।।
  5. अयप्पन :- ॐ भूतादिपाय विद्महे, महादेवाय धीमहि, तन्नो शास्ता प्रचोदयात् ।।
  6. धनवन्तरी :- ॐ अमुद हस्ताय विद्महे, आरोग्य अनुग्रहाय धीमहि, तन्नो धनवन्त्री प्रचोदयात् ।।
  7. कृष्ण :- ॐ देवकीनन्दनाय विद्महे, वासुदेवाय धीमहि, तन्नो कृष्ण प्रचोदयात् ।।
  8. राधा :- ॐ वृषभानुजाय विद्महे, कृष्णप्रियाय धीमहि, तन्नो राधा प्रचोदयात् ।।
  9. राम :- ॐ दशरथाय विद्महे, सीता वल्लभाय धीमहि, तन्नो रामा: प्रचोदयात् ।।
  10. सीता :- ॐ जनकनन्दिंयै विद्महे, भूमिजयै धीमहि, तन्नो सीता प्रचोदयात् ।।
  11. तुलसी:- ॐ तुलसीदेव्यै च विद्महे, विष्णुप्रियायै च धीमहि, तन्नो वृन्दा प्रचोदयात् ।।

आप अपने इष्ट देव की पूजा आराधना से पहले उनके गायत्री मंत्र का जाप करेगें तो आपको तुरत लाभ मिलेगा. आपके इष्टदेव प्रसन्न होगें. वैसे भी मूल गायत्री मंत्र के साथ संध्या किये वगैर किसी भी पूजा पाठ का पूरा फल प्राप्त नहीं होता है.

-sponsered-

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

-sponsored-

Leave A Reply

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More