रक्षा बंधन 2025: जानें राखी बांधने की सही विधि और दिशा का महत्व…

Deepak Sharma

सिटी पोस्ट लाइव

हिंदू पंचांग के अनुसार, भारत में रक्षाबंधन श्रावण मास की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। इस साल 9 अगस्त 2025, शनिवार, को मनाया जाएगा। ऐसे में आज आपको बताते है कि रक्षा बंधन पर राखी बांधने की सही विधि क्या है और किस दिशा में बैठकर बांधना चाहिए। वहीं इस साल राखी बांधने की शुभ मुहूर्त सुबह 5:47 से दोपहर 1:24 तक रहेगा। इस साल भद्रा काल 9 अगस्त की सुबह तक समाप्त हो जाएगा। बता दें कि भाई को राखी बांधते समय मंत्र भी बोला जाता है। आप भी राखी बांधते समय इस मंत्र का जाप कर सकते हैं। ‘येन बद्धो बली राजा दानवेन्द्रो महाबल: तेन त्वां अभिबन्धामि रक्षे मा चल मा चल’.
थाल और पूजा सामग्री:-
एक साफ चौकी या आसन पर भली‑भांति पूजा थाली सजाएं जिसमें राखी, रोली, अक्षत (चावल), दीप, और मिठाई शामिल होनी चाहिए। भाई की कलाई पर राखी बांधने से पूर्व ठाकिए या साफ कपड़ा रखें, फिर माथे पर रोली‑चंदन से तिलक लगाएं। तत्पश्चात राखी बांधें और मिठाई खिलाकर आरती उतारें।
बैठने की दिशा:-
भाई का मुख पूर्व दिशा (सूर्य की दिशा) की ओर होना चाहिए क्योंकि यह सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। बहन भी उसी दिशा की ओर मुख करके बैठती है।

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हालांकि, राखी बांधने के बाद बहन भाई की आरती उतारती है और लोटे में भरा जल आसपास छिड़कती हैं। इसके साथ ही भाई के लिए लंबी आयु, उन्नती, सेहत, सुख और समृद्धि के लिए कामना करती है। राखी बंधवाने के बाद अंत में भाई आरती की थाली में बहन को अपने अनुसार नगदी य़ा गिफ्टर देता है। साथ ही बहन के पैर छूकर आशीर्वाद प्राप्त करता है। यह त्योहार प्रेम, सुरक्षा और भावनाओं का त्योहार है।

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