By, Shrikant Pratyush
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बिहार में नो ग्रीन ज़ोन, ऑरेंज जोन में थोड़ी छूट के साथ जारी रहेंगी ये पाबंदियां

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बिहार में कोरोना संक्रमितों (Corona infected) की संख्या में बेतहाशा बढ़ोतरी हो रही है.कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या अब्धकर 1325 से अधिक हो चुकी है. 4 मई के बाद आने वाले प्रवासी मजदूरों में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या ने बिहार सरकार को चिंता में डाल दिया है.

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सिटी पोस्ट लाइव : बिहार में कोरोना संक्रमितों (Corona infected) की संख्या में बेतहाशा बढ़ोतरी हो रही है.कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या अब्धकर 1325 से अधिक हो चुकी है. 4 मई के बाद आने वाले प्रवासी मजदूरों में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या ने बिहार सरकार को चिंता में डाल दिया है. 17 मई दिन के 1 बजे तक के सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 4 मई से अब तक 671 लोग कोरोना पॉजिटिव हुए, जिनमें प्रवासी मजदूरों का आंकड़ा 560 था.

बिहार सरकार (Government of Bihar) के लिए प्रवासी मजदूर एक बड़ी चुनौती बन गए हैं. अभीतक तो केवल पांच लाख ही आये हैं. अभी बीस लाख से ज्यादा आनेवाले हैं. बिहार के सभी 38 जिलों में कोरोना ने अपने पांव पसार लिए हैं, ऐसे में लॉकडाउन 4.0 (Lockdown 4.0) में राज्य सरकार ने कोई भी ग्रीन जोन नहीं रखा है. यानि राज्य के 5 जिले रेड जोन तो 33 जिले ऑरेंज जोन में हैं.

गृह मंत्रालय ने लॉकडाउन 4 में जो गाइडलाइन जारी किए हैं, उनमें इस बार रेड जोन, ग्रीन जोन और ऑरेंज जोन के अलावा कंटेनमेंट जोन और बफर जोन को भी शामिल किया गया है. हालांकि, केंद्र सरकार ने राज्यों को उनके यहां कोरोना की स्थिति के अनुसार जोन निर्धारित करने के अधिकार दिए हैं. इसी के तहत इस बार बिहार ने ग्रीन जोन को अपनी सूची से बाहर रखा है और प्रदेश में सिर्फ रेड और ऑरेंज जोन ही हैं.

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राज्य सरकार के अनुसार, बिहार में मुख्य रूप से रेड और ऑरेंज जोन ही रहेंगे. इसके बाद रेड जोन औेर अंतर्गत ही कंटेनमेंट और बफर जोन शामिल रहेगा. संक्रमण के लिहाज से पटना में सर्वाधिक 164 मामले सामने आ चुके हैं. इसके बाद दूसरे नंबर पर अब भी मुंगेर बरकरार है. ऐसे में पटना के खाजपुरा और मुंगेर के जमालपुर को कंटेनमेंट जोन में रखते हुए इन इलाकों में सारी पाबंदियां जारी हैं. पटना और मुंगेर के बाद रोहतास, नालंदा, बक्सर, बेगूसराय, मधुबनी, सिवानऔर खगड़ि‍या जैसे जिलों में सबसे अधिक कोरोना मरीज सामने आ रहे हैं.

पटना, मुंगेर, रोहतास, बक्सर और गया. हालांकि, गया को रेड जोन में रखने को लेकर कई सवाल खड़े होते रहे हैं, पर अब राज्य सरकार को अधिकार दिया गया है कि वह किस जिले को किस जोन में रखना चाहता है. राज्य सरकार भी जिलाधिकारियों के परामर्श के अनुसार ही इसपर आगे फैसला लेगी कि किन जिलों को किस जोन में रखा जाए.

नालंदा, कैमूर, सिवान, गोपलगंज, भोजपुर, बेगूसराय, औरंगाबाद, मधुबनी, पूर्वी चंपारण, भागलपुर, अरवल, सारण, नवादा, लखीसराय, बांका, वैशाली, दरभंगा, जहानाबाद, मधेपुरा, पूर्णिया, शेखपुरा, अररिया, जमुई, कटिहार, खगड़िया, किशनगंज, मुजफ्फरपुर, पश्चिम चंपारण, सहरसा, समस्तीपुर, शिवहर, सीतामढ़ी और सुपौल.

बिहार में जोन के अनुसार पाबंदियां और छूट निर्धारित की गई हैं. इसके अनुसार कंटेनमेंट जोन में किसी तरह की सामान्य गतिविधियां नहीं की जा सकेंगी. सभी शिक्षण संस्थाएं बंद रहेंगी और ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा दिया जाएगा. इसके साथ ही घरेलू और अंतराष्ट्रीय उड़ानें बंद रहेंगी. होटल और रेस्टोरेंट बंद रहेंगे. शाम 7 बजे से सुबह सात बजे तक बगैर अनुमति बाहर निकलने पर रोक रहेगी.नए निर्देश के अनुसार भी रेड जोन वाले इन जिलों कोई छूट नहीं मिलेगी और इन जिलों में जारी पाबंदियां पूर्ववत रहेंगी. हालांकि कुछ राहत का ऐलान जरूर किया गया है.

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