By, Shrikant Pratyush
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एक मरीज जो बन गया बिहार में कोरोना वायरस के संक्रमण का सबसे बड़ा जरिया.

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एक मरीज जो बन गया बिहार में कोरोना वायरस के संक्रमण का सबसे बड़ा जरिया.

सिटी पोस्ट लाइव : बिहार भी कोरोना वायरस के संक्रमण की चपेट में तेजी से आता जा रहा है. इसकी सबसे बड़ी वजह संक्रमित लोगों के साथ साथ डॉक्टरों की लापरवाही है.मुंगेर के एक मरीज की वजह से आज पटना में बड़े पैमाने पर संक्रमण का खतरा पैदा हो गया है. संक्रमण का खतरा केवल आम लोगों को ही नहीं बल्कि डॉक्टरों को भी है. अगर डॉक्टर संक्रमित हो जाए और उसे इस संक्रमण के बारे में पता न हो तो वह सबसे ज्यादा जानलेवा बन जाता है.इसी तरह के संक्रमण की संभावना और आशंका पटना के pmch और aims में है.

बिहार में कोरोना वायरस (Coronavirus) के संक्रमण के खतरा को बढाने के लिए  मुंगेर के मरीज को खासतौर पर जिम्मेवार माना जा रहा है.इस  मरीज की मौत पटना के एम्स (Patna AIMS) में हो चुकी है लेकिन मौत के बाद जो जांच रिपोर्ट आई है उसे देखकर पटना aims के डॉक्टर हिल गए.दरअसल, इस मुंगेर के इस मरीज का नाम सैफ अली है. वह किडनी और लीवर की बीमारी का कई निजी अस्पतालों में ईलाज कराने के बाद पटना के pmch में ईलाज करवा रहा था. वहां से वह पटना aims पहुँच. यहाँ भी डॉक्टर उसका ईलाज एक आम मरीज समझ कर करते रहे. लेकिन इस बीच जब उन्हें पता चला कि वह वह कतर में काम करता था,कोरोना टेस्ट के लिए उसे भेंज दिया गया.जबतक रिपोर्ट आई वह मर चूका था. उसके परिजन उसकी लाश लेकर दफनाने के लिए गावं वापस भी जा चुके थे.लेकिन जैसे ही उसकी जांच रिपोर्ट में ये खुलासा हुआ कि वह कोरोना से पीड़ित था और ईलाज के सिलसिले में कई निजी और सरकारी अस्पतालों के डॉक्टर उसके संपर्क में आ चुके थे. इस रिपोर्ट के बाद उसके इलाज में शामिल डॉक्टरों के हाथ पावं  फूलने लगे. कौन कौन डॉक्टर सैफ के संपर्क में आने से संक्रमित हुआ और ईलाज के दौरान उसने कितने मरीजों कोसंक्रमित किया, कोई अंदाजा नहीं है.

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जाहिर है सबसे ज्यादा जरुरी सबसे पहले pmch और aims के डॉक्टरों का कोरोना टेस्ट जरुरी है. सभी डॉक्टरों को टेस्ट कराने का निर्देश दिया गया है ताकि उनकी वजह से और मरीज संक्रमित ना हों. सूत्रों के अनुसार pmch के डॉक्टर्स के बीच हडकंप मचा हुआ है.जबतक उनकी जांच रिपोर्ट सामने नहीं आ जाती तबतक उनके हाथ पावं के सुजन कम होनेवाले नहीं. वो ईलाज करने की स्थिति में भी नहीं हैं. खुद डरे सहमे हैं संक्रमण के डर से.

बिहार में कोरोना के संक्रमण के बाद मौत का यह पहला मामला सामने आया है. देश भर में इस बीमारी को लेकर लोग काफी भयभीत हैं, कोरोना को लेकर अब बिहार समेत  कई राज्यों में लॉक डाउन  किया जा चूका है. इस बीमारी से बचने के लिए ही रविवार को पूरे देश में जनता कर्फ्यू लागू रहा .इसी दिन शाम में बिहार सरकार ने पुरे राज्य में लॉकडाउन का आदेश भी जारी कर दिया. बिहार में कोरोना से हुई मौत की पहली घटना  स्वास्थ्य विभाग के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गई है क्योंकि इस मरीज ने जाने-अनजाने में अबतक कितने लोगों को और डॉक्टरों को संक्रमित किया है, किसी को कोई अंदाजा नहीं है.

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