By, Shrikant Pratyush
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लालू की तरह ही खेल तमाशा दिखाते रहते हैं तेजप्रताप, प्रदेश अध्यक्ष हमेशा रहते हैं निशाने पर

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तेजस्वी के ईशारे पर काम करने की वजह से वो हमेशा तेजप्रताप यादव के निशाने पर रहते हैं. अब तो तेजप्रताप यादव ने पार्टी दफ्तर पर इस कदर कब्ज़ा जमा लिया है कि पार्टी अध्यक्ष ने पार्टी दफ्तर जाना ही छोड़ दिया है.

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लालू की तरह ही खेल तमाशा दिखाते रहते हैं तेजप्रताप, प्रदेश अध्यक्ष हमेशा रहते हैं निशाने पर

सिटी पोस्ट लाइव : तेजप्रताप यादव से उनकी पार्टी परेशान हैं. सबसे ज्यादा परेशान पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष रामचंद्र पूर्वे हैं. वो हमेशा तेजप्रताप यादव के निशाने पर रहते हैं. उनका कसूर बस इतना है कि वो तेजस्वी के ईशारे काम करते हैं. तेजस्वी के ईशारे पर काम करने की वजह से वो हमेशा तेजप्रताप यादव के निशाने पर रहते हैं. अब तो तेजप्रताप यादव ने पार्टी दफ्तर पर इस कदर कब्ज़ा जमा लिया है कि पार्टी अध्यक्ष ने पार्टी दफ्तर जाना ही छोड़ दिया है. कर्पूरी जयंती के दिन जब वो सामने आये तो फिर तेजप्रताप यादव ने साध दिया निशाना- उन्होंने कहा कि उनके जनता दरबार से पूर्वे जी को परेशानी हो रही है. वो सप्ताह में सात दिन की जगह दो दिन जनता दरबार लगाने को कह रहे हैं. तेजप्रताप यादव ने मंच पर बैठे रामचंद्र पूर्वे पर तंज भी कास दिया- “ पूर्वे जी दो दिन जनता दरबार लगाने से जनता की समस्या ख़त्म हो जायेगी.?

बेचारे रामचंद्र पूर्वे कोई जबाब नहीं दे पाए. लेकिन 26 जनवरी को पार्टी दफ्तर के गेट पर ताला जरुर जादवा दिया. तेजप्रताप यादव ने जब दफ्तर के गेट पर ताला देखा तो भड़क गए. किसने दफ्तर के गेट पर ताला लगाया. रामचंद्र पूर्वे को फटकार लगाने के लिए फोन लगाया. गनीमत थी, पूर्वे ने फोन नहीं उठाया. दफ्तर में फोन कर ताला खुलवा दिया. गेट का ताला तो खुल गया लेकिन दफ्तर फिर भी बंद था. तेजप्रताप खफा हो गए. उन्होंने कहा कि तेजस्वी से पूर्वे की शिकायत करेगें. बेचारे प्रदेश अध्यक्ष दो भाइयों की बीच की लड़ाई में ऐसे फंसे हैं कि उससे निकलने का कोई रास्ता ही नहीं दिख रहा.

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पार्टी दफ्तर में ताला लगा है तो क्या हुआ. तेजप्रताप यादव तो बिना मीडिया के एक दिन भी रह नहीं सकते. दुसरे दिन वो गांधी मैदान में गांधी प्रतिमा के नीचे बैठ गए धरना पर.अभी तेजप्रताप यादव ने पप्पू यादव के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. दरअसल, पप्पू यादव हमेशा तेजप्रताप यादव और तेजस्वी यादव पर निशाना साधते रहते हैं. इसबार तेजप्रताप ने पप्पू यादव के खिलाफ हमला बोल दिया है. वैसे पार्टी दफ्तर में जनता दरबार में लोगों की समस्याओं को सुनने से ज्यादा तेजप्रताप यादव खेल तमाशा करते रहते हैं. वैसे भी इन दिनों उनका जनता दरबार बेहद सुर्खियों में है. जनता की समस्याओं के लिए कभी तेजप्रताप थाने का घेराव करते हैं तो कभी जनता को खुश करने के लिए बांसुरी बजाने लगते हैं. इस बार तेजप्रताप का दरबार पहलवानों से सजा है और दरबार में दंगल चल रहा है. इस दौरान दरबार में पहलवान अपनी ताकत और जौहर दिखा रहे हैं.

 दरबार के राजाजी यानि लालू के लाल तेजप्रताप इस दंगल का मजा ले रहे हैं. जानकारों का कहना है कि तेजप्रताप के जनता दरबार में जनता की समस्याएं कम सुनी जाती हैं. लेकिन तरह-तरह के कलाबाजियां ज्यादा दिखाई जाती हैं. याद कीजिए कुछ दिन पहले इसी दरबार में तेजप्रताप ने एक शख्स से फिल्म की एक्टिंग भी कराई थी. गजबे शौक पाले हैं तेजू बाबा.अब जरा कुछ पुराने दिनों में जाइए. ठीक इसी अंदाज में जब लालू यादव की महफ़िल सजती थी तो क्या खूब कलाकार अपना जलवा बिखरते थे. लालू के दरबार में लौंडा नाच सबसे मशहूर था. तेजप्रताप भी पिता लालू प्रसाद की हूबहू कॉपी करने में लगे हैं. मिजाज में थोड़ा फर्क जरूर है, लेकिन अंदाज और तेवर में कोई अंतर नहीं.

यानि तेजप्रताप ने ये मन बना लिया है कि पार्टी में भले ही लोग उन्हें हाशिए पर ला दिए हो. पार्टी दफ्तर में भले ही उन्हें रोकने के लिए ताला जड़ दिया गया हो और तेजस्वी की रफ़्तार से उनकी रफ़्तार भले ही कुछ धीमी हो, लेकिन पॉपुलरिटी में उनका कोई जोड़ नहीं है.मीडिया में बने रहने का तरीका उन्हें पता है.हर रोज कुछ न कुछ नया कर चर्चा में बने ही रहते हैं.

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