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JDU की बैठक में लगे नारे ‘देश का नेता कैसा हो, नीतीश कुमार जैसा हो’ .

CM बने रहने के लिए नहीं बल्कि विपक्ष का चेहरा बन मोदी को चुनौती देने के लिए छोड़ा BJP का साथ.

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सिटी पोस्ट लाइव :अब इसमे शक की कोई गुंजाइश नहीं कि नीतीश कुमार ने बीजेपी का साथ तेजस्वी यादव के लिए नहीं बल्कि अपनी बड़ी राजनीतिक महत्वाकांक्षा को पूरा करने के लिए छोड़ा है.आज भले ही वो मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठे हैं लेकिन सपना पीएम की कुर्सी पर बैठने का है.पीएम की कुर्सी नहीं भी मिली तो कम से कम उन्हें चुनौती देनेवाले नेता के रूप में तो जाने ही जायेगें.आज जेडीयू की पटना में चल रही राष्ट्रिय कार्यकारिणी की बैठक में सीएम नीतीश कुमार के पहुंचते ही ‘देश का नेता कैसा हो, नीतीश कुमार जैसा हो’ के नारे लगने लगे.

बैठक में जैसे ही नीतीश कुमार पहुंचे वैसे ही कार्यक्रम में मौजूद जेडीयू नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एक सुर में नारा लगाना शुरू कर दिया- ‘देश का प्रधानमंत्री कैसा हो, नीतीश कुमार जैसा हो’. इस नारे के लगते ही वहां मौजूद जेडीयू कार्यकर्ताओं में गजब का जोश देखने को मिला.बिहार में लगातार दो दिनों में इस तरह के नारे लगने पर सियासत भी तेज हो गयी है. शुक्रवार को भी जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बैठक की तैयारियों का जायजा लेने के लिए वीरचंद पटेल मार्ग कार्यालय पहुंचे थे तो वहां पहुंचते ही इसी नारे के साथ उनका स्वागत किया गया था. हालांकि तब जदयू के शीर्ष नेता ने नारों के बीच विनम्रता से हाथ जोड़कर लोगों का अभिवादन स्वीकार किया. पत्रकारों द्वारा उनके प्रधानमंत्री पद की दौड़ में शामिल होने के बारे में सवाल पूछे जाने पर नीतीश ने उनसे उन्हें शर्मिंदा नहीं करने का अनुरोध किया.

बिहार में जदयू की राष्ट्रीय कार्यकारिणी और राष्ट्रीय परिषद की यह बैठक ऐसे समय में हो रही है, जब बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के 2024 के लोकसभा चुनावों के लिए एकजुट विपक्ष का प्रधानमंत्री पद का चेहरा बनने की चर्चा जोरों पर है. दरअसल बिहार में महागठबंधन की सरकार बनने के बाद इन दिनों नीतीश कुमार को 2024 में पीएम उम्मीदवार के रूप में प्रोजेक्ट करने को लेकर चर्चा तेज हो गयी है. जदयू कार्यालय में लगाए गए बैनर भी इसी ओर इशारा करते हैं. जेडीयू कार्यालय के बाहर लगाए गए बैनरों पर ‘प्रदेश में दिखा, देश में दिखेगा’, ‘आगाज हुआ, बदलाव होगा’ जैसे नारे लिखे गए हैं. इससे यह स्पष्ट है कि पार्टी अपने शीर्ष नेता से राष्ट्रीय भूमिका निभाने की उम्मीद कर रही है.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 5 सितंबर को तीन दिवसीय दौरे पर दिल्ली रवाना हो सकते हैं. दिल्ली दौरे के दौरान नीतीश कुमार सोनिया गाँधी समेत विपक्ष के कई सीनियर नेताओं से मुलाकात करेंगे. नीतीश कुमार के इस दौरे को काफी मायनों में खास बताया जा रहा है. इसे नीतीश कुमार की देश में विपक्ष को एकजुट करने की कोशिश के रुप में भी देखा जा रहा है. सूत्रों के अनुसार नीतीश कुमार दिल्ली में 5 से 7 सितंबर तक रहेंगे. इस दौरान वह कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात करेंगे. इसके अलावा नीतीश कुमार अन्य दलों के भी शीर्ष नेताओं से मुलाकात कर विपक्षी एकता को एकजुट करने का बिगुल फुकेंगे.अगर कांग्रेस पार्टी उन्हें नेता मान लेती है तो उनका काम बहुत आसान हो सकता है.

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