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बिहार क्रिकेट एसोसिएशन पर बिना घोषणा के ही रणजी टीम बना देने का आरोप

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सिटी पोस्ट लाइव : बिहार क्रिकेट एसोसिएशन एक बार फिर विवाद में आ गया है.इसबार बिहार रणजी टीम के चयन को लेकर विवाद पैदा हो गया है. बिहार क्रिकेट एसोसिएशन द्वारा रणजी ट्रॉफी खेलने के लिए बिहार से 25 सदस्यीय टीम बंगाल भेजें जाने को बिहार क्रिकेट एसोसिएशन के प्रवक्ता और दूसरे रणजी खिलाड़ियों ने बिहार क्रिकेट एसोसिएशन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. रणजी खिलाड़ियों और बिहार क्रिकेट एसोसिएशन के प्रवक्ता संजीव मिश्रा ने कहा है कि बगैर टीम घोषित किए ही आनन-फानन में क्रिकेट एसोसिएशन ने 25 खिलाड़ियों को बंगाल भेज दिया है. संजीव मिश्रा ने खिलाड़ियों की सूची जारी करते हुए आरोप लगाया है कि इसमें से सात से आठ खिलाड़ी ऐसे हैं जिनके पिता या रिश्तेदार बिहार क्रिकेट एसोसिएशन में पद धारक हैं.

संजीव मिश्रा ने कहा कि बिहार रणजी टीम के चयनकर्ताओं में एक चयनकर्ता को झारखंड रणजी क्रिकेट टीम के चयनकर्ता के पद से पहले ही बर्खास्त किया जा चुका है. इसके सात ही बिहार रणजी टीम में चयन के लिये ट्रायल देने वाले कई खिलाड़ियों ने भी बीसीए पर बगैर घोषणा के ही अपने चहेतों को रणजी ट्रॉफी खेलने के लिए बंगाल भेजने का आरोप लगाया है.बिहार के लिए दोहरा शतक जमाने वाले क्रिकेटर इंद्रजीत कुमार ने कहा कि उनका औसत काफी बेहतर रहा है. लेकिन इसके बावजूद चयनकर्ताओं ने उन्हें नजरअंदाज किया है. इंद्रजीत ने आरोप लगाया है कि जिन खिलाड़ियों का रणजी ट्रॉफी खेलने के लिए बिहार टीम में चयन किया गया है उनमें से कई खिलाड़ियों से उनका प्रदर्शन काफी बेहतर रहा है और आंकड़े इस बात के गवाह भी हैं.

बिहार क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश तिवारी अपनी प्रतिक्रिया देने के लिए उपलब्ध नहीं हैं.बिहार क्रिकेट टीम के कोच विष्णु चौधरी भी इस विवाद के बारे में कुछ भी बोलने से बचते नजर आ रहे हैं.सवाल ये उठता है कि आखिर हमेशा बिहार क्रिकेट एसोसिएशन विवादों में क्यों घिरा रहता है.क्या इस तरह के विवादों के बीच संघ बिहार के खिलाड़ियों का भला कर पायेगा.

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