By, Shrikant Pratyush
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कोचिंग स्टाफ से निकाले जाने के बाद छलका संजय बांगर दर्द

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5 सालों तक भारतीय क्रिकेट टीम के बल्लेबाजी कोच रहने के बाद संजय बांगर के कार्यकाल को नवीनीकृत नहीं किया गया। उनकी जगह पूर्व क्रिकेटर और सिलेक्टर रह चुके विक्रम राठौर को बल्लेबाजी कोच नियुक्त किया गया है।

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कोचिंग स्टाफ से निकाले जाने के बाद छलका संजय बांगर दर्द

सिटी पोस्ट लाइव : 5 सालों तक भारतीय क्रिकेट टीम के बल्लेबाजी कोच रहने के बाद संजय बांगर के कार्यकाल को नवीनीकृत नहीं किया गया। उनकी जगह पूर्व क्रिकेटर और सिलेक्टर रह चुके विक्रम राठौर को बल्लेबाजी कोच नियुक्त किया गया है। ऐसे में टीम इंडिया के स्टाफ से बाहर होने के बाद संजय ने टाइम्स ऑफ़ इंडिया को दिए इंटरव्यू में अपना रिपोर्ट कार्ड दिया है। उनका मानना है की टीम इंडिया के टेस्ट में नंबर वन बनने के बावजूद सिर्फ उन्हें टीम से निकला जाना निराशाजनक है।

संजय बांगर के कार्यकाल के दौरान भारतीय टेस्ट टीम नंबर-1 पर काबिज है और सीमित ओवरों में भी टीम का प्रदर्शन काफी अच्छा रहा है। इसपर बांगर उन्होंने कहा, ‘मैं 2014 के बाद से टीम की प्रगति और तीन साल तक टेस्ट में नंबर 1 बने रहने पर खुशी के साथ आगे बढ़ता हूं। हमने खेले गए 52 टेस्ट मैचों में से 30 जीते, जिनमें से 13 विदेशी सरजमीं पर थे। हमने सभी देशों में एकदिवसीय मैचों में भी लगातार जीत दर्ज की। हां, विश्व कप में हमें जीत नहीं मिल सकी।

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उन्होंने कहा ‘निराश होना स्वाभाविक था। कुछ दिनों तक मैं ऐसा रहा। लेकिन मैं बीसीसीआई और अन्य कोचों डंकन फ्लेचर, अनिल कुंबले और रवि शास्त्री का धन्यवाद देता हूं जिन्होंने मुझे पांच साल तक भारतीय क्रिकेट की सेवा करने का मौका दिया। यह ब्रेक मुझे तरोताजा और खुद को दोबारा तलाशने का मौका देगा।’

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