By, Shrikant Pratyush
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स्कूलों के टेबल बेंच,लैब के उपकरण की 1 अरब की राशि हजम कर गए शिक्षक.

शिक्षा विभाग में बड़ा घोटाला, 1 अरब 20 करोड़ की राशि का हिसाब किताब नहीं दे रहे हेडमास्‍टर.

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स्कूलों के टेबल बेंच,लैब के उपकरण की 1 अरब की राशि हजम कर गए शिक्षक.

सिटी पोस्ट लाइव :शिक्षा विभाग (Education Department) में विद्यालयों (Schools) में प्रयोगशालाओं (Laboratories) के उपकरण की खरीद के नाम पर  1 अरब 20 करोड़ रुपए बड़ा घपला घोटाला किये जाने का मामला उजागर हुआ है. बाबू और हेडमास्‍टर ने ये घपला किया है. छात्रों के उज्ज्वल भविष्य और पठन-पाठन की बेहतर व्यवस्था के मकसद से 6 हजार विद्यालयों को 1 अरब 20 करोड़ रुपये आवंटित किये गए. लेकिन दो साल बीत जाने के बाद भी विद्यालयों ने खरीदारी से संबंधित उपयोगिता प्रमाण पत्र (Utility Certificates) नहीं सौंपा है. मार्च 2018 में ही उपयोगिता प्रमाण पत्र जमा कर देना था लेकिन अभीतक किसी ने उपयोगिता प्रमाण पत्र नहीं दिया है और सारी रकम खत्म हो चुकी है.

2017-18 में बिहार के 6 हजार माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्कूलों में लैब के उपकरणों, स्कूलों के टेबल बेंच और बाकी सामान की खरीद के लिए ये रकम सरकार ने दी थी .38 जिलों के 2400 स्कूलों के लिए 1 अरब 20 करोड़ रुपये आवंटित किए गए. घोटाले की बू आने पर बक्सर जिले में कई हेडमास्टरों की गर्दन फंसती दिख रही है. DDC ने कई हेडमास्टरों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उनका वेतन रोक दिया है, लेकिन बाकी जिलों में अभी तक अफसर इस घपले घोटाले से या तो अनजान हैं या फी जन बुझकर चुप्पी साधे हुए हैं.

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आरटीआई कार्यकर्ता शिवप्रकाश राय के अनुसार  इस घोटाले में नीचे से लेकर बड़े अधिकारी भी शामिल हैं.2 साल बीत जाने के बाद भी इन स्कूलों के हेडमास्टरों ने आज तक एक उपयोगिता प्रमाण पत्र दिया ही नहीं. लेकिन अधिकारियों ने कोई कारवाई नहीं की. शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन वर्मा तो इसे घोटाला मानने को तैयार नहीं हैं.

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