By, Shrikant Pratyush
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बिहार सरकार करेगी 32 हजार शिक्षकों की नियुक्ति,प्रकिया जून महीने से ही होगी शुरू

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सिटी पोस्ट लाइव- बिहार में शिक्षकों की कमी से जूझ रहे स्कूलों की समस्याएं जल्द दूर होगी. जी हाँ. बिहार की नीतीश सरकार अब खाले पड़े रिक्तियों पर जल्द ही बहाली करने जा रही है. शिक्षा विभाग से जुड़े अधिकारियों की मानें तो बहाली प्रकिया के लिए जरूरी कागजी कारवाई पुरी कर ली गई है. बिहार सरकार हाईस्कूल और इंटरमीडिएट ( सेकेंडरी और प्लस-2) में शिक्षकों के 32 हजार पदों पर नियुक्ति करेगी.

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बिहार सरकार करेगी 32 हजार शिक्षकों की नियुक्ति,प्रकिया जून महीने से ही होगी शुरू

सिटी पोस्ट लाइव– बिहार में शिक्षकों की कमी से जूझ रहे स्कूलों की समस्याएं जल्द दूर होगी. जी हाँ. बिहार की नीतीश सरकार अब खाली पड़े रिक्तियों पर जल्द ही बहाली करने जा रही है. शिक्षा विभाग से जुड़े अधिकारियों की मानें तो बहाली प्रकिया के लिए जरूरी कागजी कारवाई पुरी कर ली गई है. बिहार सरकार हाईस्कूल और इंटरमीडिएट ( सेकेंडरी और प्लस-2) में शिक्षकों के 32 हजार पदों पर नियुक्ति करेगी. जून महीने में 12 हजार पदों पर भर्ती के लिए नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की जाएगी. बाकी बचे 20 हजार पद पर नियुक्ति प्रक्रिया अगस्त महीने तक शुरू होगी.

पिछले साल शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया कोर्ट केस होने की वजह से रुक गई थी. बीती दस मई को सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आने के बाद पुराने नियमों के मुताबिक ही फिर से भर्ती प्रक्रिया खोली गई है. आगामी एक जुलाई तक माध्यमिक शिक्षा निदेशालय को इन नियोजन संबंधी प्रतिवेदन उपलब्ध करवा दिया जाएगा. अगस्त महीने में छठे चरण की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की जाएगी. मामला कोर्ट में चले जाने के कारण नियुक्ति प्रक्रिया करीब दो साल तक बाधित रही है. इस कारण राज्य शिक्षा विभाग ने फैसला किया है कि 2012 में राज्य टीईटी की परीक्षा पास किए अभ्यर्थियों को भी इसमें मौका दिया जाएगा.

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मालूम हो कि बिहार में शिक्षकों की नियुक्ति प्रकिया रूकने के कारण बहुत से स्कूलों में शिक्षा की स्थिति बदहाल बनी हुई है.अगर शिक्षकों और छात्रों के अनुपात को देखें तो यहाँ के स्कूलों में बहुत अंतर है. इस बारें में हालांकि विपक्ष ने कई बार इस मुद्दे को विधानसभा में उठाया.लेकिन सरकार ने वेतनमान संबंधी शिक्षकों के सुप्रीम कोर्ट में चल रहे केस का हवाला देकर रोक रखा था.

वहीं 2012 से STET की परीक्षा पास कर नौकरी के आशा लगाए छात्रों का आरोप है कि सरकार की मंशा अगर शिक्षक भर्ती की रहती तो नियोजन की प्रकिया को इतना जटील नहीं रखा जाता. सरकार जान-बूझकर इस मामले को लटकाना चाहती है. स्टेट परीक्षा पास अभ्यर्थियों के संरक्षक आदित्य नारायण पाण्डेय ने कहा कि सरकार बहाली की केवल कम रिक्तियां निकालकर खानापूर्ती कर रही है. कम से कम सरकार को अब तक के नवउत्क्रमित विद्यालयों की रिक्तियों को जोड़कर बहाली निकालनी चाहिए तथा नियोजन की प्रक्रिया केंद्रीकृत करनी चाहिए. इसके लिए हमलोगों ने कई बार आन्दोलन किया एवं शिक्षा मंत्री से लेकर बिहार सरकार के कई मंत्रियों तक से मिलकर मांग की.

जे.पी.चंद्रा की रिपोर्ट

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