By, Shrikant Pratyush
News 24X7 Hour

जीडी कॉलेज छात्रसंघ ने इंटर में नामांकन सीट बढ़ोतरी को लेकर प्राचार्य को सौंपा मांग पत्र

- sponsored -

जीडी कॉलेज छात्रसंघ अध्यक्ष राजेश रंजन कुमार ने कहा कि विदित हो कि अंतर स्नातक के नामांकन में लगभग हजारों छात्र-छात्रा नामांकन से वंचित रह गया हैं।

-sponsored-

जीडी कॉलेज छात्रसंघ ने इंटर में नामांकन सीट बढ़ोतरी को लेकर प्राचार्य को सौंपा मांग पत्र

सिटी पोस्ट लाइव : शनिवार को जीडी कॉलेज छात्र संघ के द्वारा अंतर-स्नातक विज्ञान एवं कला संकाय में एक एक सेक्शन सीट बढ़ाने हेतु प्रधानाचार्य को सौंपा मांग पत्र। जीडी कॉलेज छात्रसंघ अध्यक्ष राजेश रंजन कुमार ने कहा कि विदित हो कि अंतर स्नातक के नामांकन में लगभग हजारों छात्र-छात्रा नामांकन से वंचित रह गया हैं। लगभग सभी छात्र-छात्राएं रोज कॉलेज का चक्कर लगाते हैं और डफला खाकर वापस लौटने को मजबूर है।इसलिए जीडी कॉलेज छात्र संघ ने प्राचार्य के द्वारा बिहार बोर्ड से पत्र लिखवाकर सीट बढ़ोतरी की मांग की,महासचिव अमरेश कुमार व विश्वविद्यालय प्रतिनिधि मो फैयाज ने कहा कि शैक्षणिक जगत में छात्र हित सर्वोपरि है परंतु बिहार बोर्ड द्वारा जारी प्रथम द्वितीय तृतीय एवं स्पॉट नामांकन के बाद भी अच्छे अंक से उत्तीर्ण विज्ञान एवं कला संकाय में नामांकन के इच्छुक छात्रों की एक बहुत बड़ी संख्या नामांकन से वंचित है।

एनएसयूआई के जिला सचिव राहुल कुमार ने कहा कि विदित हो कि जीडी कॉलेज बेगूसराय जिले का ही नहीं बल्कि बिहार प्रदेश के सिरमौर शिक्षण संस्थानों में से एक है और यह अपनी शैक्षणिक गरिमा और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा परीक्षा के लिए सुविख्यात है,एसे में अच्छे विद्यार्थियों के नामांकन की यह पहली पसंद हुआ करता है किंतु सीटों की अनुपलब्धता के कारण उनका नामांकन संभव नहीं हो पा रहा है।पुणः सुचितव्य है कि इस वर्ष प्रदेश के अन्य शैक्षणिक संस्थानों में सीटों की बढ़ोतरी की गई है किंतु जीडी कॉलेज को यह न्याय नहीं मिल सका है इसकी नामांकन संख्या यथावत है जो सौतेलेपन को दर्शाता है अतः बिहार बोर्ड से अति शीघ्र आग्रह है कि जीडी कॉलेज में कम से कम एक एक सेक्शन सीटों की बढ़ोतरी की जाए अन्यथा एनएसयूआई छात्र संगठन छात्र हितों को देखते हुए आंदोलन को बाध्य होगी। मौके पर विश्वविद्यालय प्रतिनिधि वृषभ कुमार दीपक कुमार सौरभ कुमार पवन कुमार आदि मौजूद थे।

Also Read

-sponsored-

बेगूसराय से सुमित कुमार की रिपोर्ट

-sponsered-

-sponsored-

Comments are closed.