By, Shrikant Pratyush
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नालंदा के सौरव ने यूपीएससी परीक्षा में 55वां रैंक प्राप्त कर बिहार को किया गौरान्वित

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कमल किशोर यादव के बड़े पुत्र सौरभ सुमन बचपन से ही प्रतिभावान थे । उनकी प्रारंभिक शिक्षा अपने गांव के एक छोटे  से विधालय से  हुई । उसके बाद इन्होंने  कोलकाता से इलेक्ट्रिकल एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग का कोर्स पूरा किया उसके बाद आई आई एम लखनऊ से एमबीए की पढ़ाई पूरी की ।

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नालंदा के सौरव ने यूपीएससी परीक्षा में 55वां रैंक प्राप्त कर बिहार को किया गौरान्वित

सिटी पोस्ट लाइव : इंसान के अगर हौंसले बुलंद हो तो वह आसमान की ऊंचाइयों को छू सकता है । इसी को सिद्ध कर दिखाया है नालंदा जिले के सुदूर वर्ती इलाका सरमेरा प्रखंड के नरसिंहपुर गांव निवासी  सौरभ सुमन ने सौरभ ने इस बार की यूपीएससी परीक्षा में 55 वां रैंक प्राप्त कर न केवल अपने माता-पिता का नाम रोशन किया है, बल्कि नालंदा और बिहार को भी गौरान्वित किया है । कमल किशोर यादव के बड़े पुत्र सौरभ सुमन बचपन से ही प्रतिभावान थे । उनकी प्रारंभिक शिक्षा अपने गांव के एक छोटे  से विधालय से  हुई । उसके बाद इन्होंने  कोलकाता से इलेक्ट्रिकल एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग का कोर्स पूरा किया उसके बाद आई आई एम लखनऊ से एमबीए की पढ़ाई पूरी की ।

एमबीए करने के बाद उन्होंने यूपीएससी की तैयारी शुरू की और वर्ष 2014 में इन्हें  1068 वां रैंक प्राप्त हुआ । परिणाम के बाद इनकी पदस्थापना इंडियन इंफॉर्मेशन सर्विस दिल्ली में असिस्टेंट डायरेक्टर के पद पर हुई । पदस्थापना के बाद भी इन्होंने ने अपनी तैयारी को जारी रखा । वे इस पद से पूरी तरह संतुष्ट नहीं थे और उन्होंने पुनः यूपीएससी की तैयारी शुरू की और इस बार उन्हें 55 वां रैंक प्राप्त हुआ परिणाम घोषणा के बाद ये काफी खुश दिखाई दे रहे  हैं ।

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सौरभ का कहना है कि पदस्थापना के बाद उनकी पहली प्राथमिकता होगी स्वास्थ्य और शिक्षा यह दो क्षेत्र में पहले काम करना चाहेंगे उनका मानना है कि लोग स्वास्थ्य रहेंगे तभी शिक्षित होंगे स्वास्थ्य और शिक्षा से ही देश और राज्य का विकास संभव है। इनकी पत्नी नमिता सिन्हा एमबीबीएस डॉक्टर हैं ,  और उनके पिता कमल किशोर यादव पश्चिम बंगाल एफसीआई में कार्यरत है , इनका एक छोटा भाई  और एक बड़ी बहन भी हैं।  पढ़ाई लिखाई के अलावे सौरभ को स्पोर्ट्स में भी काफी रुचि रही  वे फुटबॉल और बैडमिंटन खेला करते थे इसी के साथ साथ पर्यटन का भी इन्हें शौक रहा यही कारण है कि उन्होंने इतनी  कम उम्र में ही कई देशो का भर्मण किया है।

नालंदा से प्रणय राज की रिपोर्ट

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