By, Shrikant Pratyush
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अब निजी स्कूल नहीं वसूल सकेंगे अभिवावकों से मनमानी फीस,कमिटी गठित

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बिहार में निजी स्कूलों की मनमानी किसी से छुपी नहीं है. खासकर पटना प्रमंडल में इस तरह के स्कूलों की बाढ़ हैं. वे जब चाहते हैं अपनी हिसाब से स्कूलों का फीस बढ़ा देते हैं.लेकिन अब पटना प्रमंडल के निजी स्कूलों में फीस में बढ़ोतरी की मनमानी नहीं चलेगी. फीस बढ़ोतरी तय करने के लिए कमेटी गठित कर दी गई है.

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अब निजी स्कूल नहीं वसूल सकेंगे अभिवावकों से मनमानी फीस, कमिटी गठित

सिटी पोस्ट लाइव- बिहार में निजी स्कूलों की मनमानी किसी से छुपी नहीं है. खासकर पटना प्रमंडल में इस तरह के स्कूलों की बाढ़ हैं. वे जब चाहते हैं अपनी हिसाब से स्कूलों का फीस बढ़ा देते हैं.लेकिन अब पटना प्रमंडल के निजी स्कूलों में फीस में बढ़ोतरी की मनमानी नहीं चलेगी. फीस बढ़ोतरी तय करने के लिए कमेटी गठित कर दी गई है. पटना प्रमंडलीय आयुक्त की अध्यक्षता में सात सदस्यीय कमेटी गठित की गई है. इसका नाम शुल्क विनियम समिति दिया गया है. कमेटी की सिफारिश को अगले साल यानी 2020 से लागू किया जा सकेगा.

कमेटि स्कूलों के वार्षिक शुल्क के साथ मासिक शुल्क,प्रवेश शुल्क, पुनर्नामांकन शुल्क, विकास शुल्क, अध्ययन शुल्क, पुस्तक, पाठ्य सामग्री शुल्क, पोशाक और आवागमन खर्च पर नजर रखेगी. कमिटी ने स्कूलों को स्कूल वेबसाइट पर सारी जानकारी देने का निर्देश दिया है. इसके साथ ही स्कूल के सूचना पट पर भी फीस की पूरी जानकारी देनी होगी. कमेटी द्वारा तय प्रावधान के अनुसार सभी स्कूलों से पांच साल की फीस बढ़ोतरी की जानकारी मांगी जायेगी.अब नया सत्र शुरू होने के पहले सभी स्कूलों को फीस की पूरी जानकारी वेबसाइट पर अपलोड करनी होगी. इसमें स्कूलों ने पांच साल में कितनी फीस बढ़ोतरी की है, इसे देखा जायेगा. साथ में फीस के अनुसार स्कूल में बच्चों के लिए विकास और सुविधा के कितने काम हुए, की समीक्षा भी होगी. शुल्क विनियम समिति के नियम के अनुसार स्कूल सात फीसदी से अधिक फीस नहीं बढ़ा पाएंगे.

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मालुम हो कि इस कमेटी की पहली बैठक 28 जून को प्रमंडलीय आयुक्त की अध्यक्षता में हुई थी. पहली बार ऐसा हुआ जब कमेटी में अभिभावकों को भी शामिल किया गया है. अभिभावक के तौर पर पटना सिटी के उदित कुमार और पंकज कुमार शामिल हुए हैं. वहीं, स्कूल प्रतिनिधि के तौर पर शंकर चौधरी और कौशल कुमार कौशलेंद्र को शामिल किया गया है. अगर इस कमिटी के गठन से निजी स्कूलों के मनमानी पर रोक लगती है तो वैसे लोगों के लिए यह बहुत बड़ी राहत होगी जो अपने बच्चों के भविष्य के लिए रात-दिन एक करके इन संस्थानों में दाखिला करवाते हैं.
  जे.पी.चंद्रा की रिपोर्ट

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