By, Shrikant Pratyush
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मुख्यमंत्री दर्शन योजना के चक्कर में फंसे बच्चे, सड़क पर गुजारनी पडी पूरी रात

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मुख्यमंत्री दर्शन योजना के चक्कर में फंसे बच्चे, सड़क पर गुजारनी पडी पूरी रात

सिटी पोस्ट लाइव :बिहार में एक हैरान कर देनेवाली तस्वीर सामने आई है. ये तस्वीर ऐसी है जो अभिभावकों की नींद उड़ा देगी. स्कूली बच्चों को रात में सड़क पर सुला देने की यह तस्वीर कई सवाल उठाती है. स्कूली बच्चों के राजधानी पटना के चिड़िया घर के बाहर सड़क पर सुला देने की है. ईन बच्चों को स्कूल की तरफ से चिड़िया घर घुमाने के लिए लाया गया था. रात में इन्हें सड़क के किनारे सोना पड़ा. पटना में चिड़िया घर देखने आये बच्चे घर नहीं लौट पाए तो उन्हें स्कूल प्रबंधन ने सड़क पर ही सुला दिया.

सूत्रों के अनुसार  मुख्यमंत्री दर्शन योजन के तहत ईन बच्चों को चिड़िया घर घुमाने के लिए लाया गया था. पूर्वी चंपारण से बच्चों को पटना लाया गया था. कोटवा प्रखंड के राजकीय उत्क्रमित विद्यालय के ये बच्चे पटना में जू घूमने आए थे. शाम ज्यादा हो गई सो लौट नहीं सके. और उनको सड़क किनारे सोना पड़ा.इन तस्वीरों के सामने आने के बाद से कई सवाल खड़े हो गए हैं. सबसे बड़ी बात तो यह है कि जिस इलाके में ये बच्चे सड़क के किनारे रात गुजारने को मजबूर हो गए वो हाई प्रोफाइल इलाका है. पटना जू के आस-पास कई नेता और अधिकारियों के आवास हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या किसी ने भी इन बच्चों को सड़क किनारे सोते हुए नहीं देखा.

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सड़क पर सो रहे बच्चे किसी बड़े हादशे के शिकार हो सकते थे. उनकी जान जा सकती थी. तेज रफ़्तार गाड़ियाँ इस सड़क से होकर दिन रात गुजराती हैं. इसी सड़क पर मासूम बच्चों को रात भर सुला दिया गया.सवाल ये उठता है कि क्या इस तस्वीर को देखने के बाद कोई माँ –बाप अपने बच्चों को मुख्यमंत्री दर्शन योजना के तहत घुमाने के लिए भेजने को तैयार होगा. जबाब- बिलकुल नहीं. सवाल ये भी उठता है कि किस शिक्षक ने मुख्यमंत्री दर्शन योजना के माथे पर यह कलंक का टिका लगाया है? क्यों राजधानी के इस वीआइपी ईलाके में सड़क के किनारे सोते बच्चों पर किसी की नजर नहीं पडी?

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