By, Shrikant Pratyush
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STET पास अभ्यर्थी संघ 19 अगस्त से बहाली में रिक्ती के लिये करेगा आन्दोलन 

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बिहार में छठे चरण के तहत शिक्षक बहाली को लेकर STET पास अभ्यर्थियों में खासी नाराजगी देखने को मिल रही है। अभ्यर्थियों ने नीतीश कुमार पर इस बहाली को लेकर केवल खानापूर्ति करने का आरोप लगाकर है और 19अगस्त से आन्दोलन करने की धमकी दी है।

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STET पास अभ्यर्थी संघ 19 अगस्त से बहाली में रिक्ती के लिये करेगा आन्दोलन 

सिटी पोस्ट लाईव : बिहार में छठे चरण के तहत शिक्षक बहाली को लेकर STET पास अभ्यर्थियों में खासी नाराजगी देखने को मिल रही है। अभ्यर्थियों ने नीतीश कुमार पर इस बहाली को लेकर केवल खानापूर्ति करने का आरोप लगाकर है और 19 अगस्त से आन्दोलन करने की धमकी दी है। नियोजन के लिये पिछले कई वर्षों से दर-दर कि ठोकरें खा रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि नीतीश सरकार के शिक्षा मंत्री कहते कुछ और हैं और करते कुछ और हैं ।अब हमलोगों के सब्र का बांध टूट चुका है।

मालूम हो की बिहार में शिक्षक बहाली प्रकिया को लेकर अब मात्र कुछ दिन ही बचे हैं। इसके लिये सारी प्रक्रिया जोर-शोर से पूरी की जारी है। सभी जिलों से रिक्तियों की माँग की गई है और कई जिलों ने रिक्तियां भेज भी दी हैं । जिन जिलों से अभी रिक्तियां नहीं आई हैं वहाँ से भी जल्द भेज दी जाएंगी। लेकिन मामला इतिहास एवं सोशल साइंस में न के बराबर रिक्तियों को लेकर ही फंस रहा है।

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दरअसल बिहार में 2011 में STET,शिक्षक पात्रता परीक्षा का आयोजन किया गया था। परीक्षा का परिणाम जून 2012 में घोषित किया गया था। नीतीश सरकार ने उस समय माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षकों की लगभग 17,500 शिक्षकों की बहाली करने का निर्णय लिया। इस रिक्ती के विरुद्ध में पाँच चरणों में शिक्षकों की बहाली की गई लेकिन नियोजन की प्रक्रिया इतनी जटिल है कि इन सभी सीटों को भर पाना मुश्किल है। अब सरकार छठे चरण में शिक्षकों की नियुक्ति इन बचे -खुचे सीटों पर ही करना चाहती है जिसका विरोध हो रहा है।

समझें कैसे होता है शिक्षकों का नियोजन 

बिहार में स्टेट पास अभ्यर्थियों के नियोजन की प्रक्रिया को इस प्रकार से समझा जा सकता है . . . . 

अगर कोई अभ्यर्थी नियोजन के लिये आवेदन करना चाहे जो यह शिक्षक पात्रता परीक्षा पास है तो उसे बिहार के सभी जिलों के जिला परिषद् एवं नगर इकाइयों में अलग-अलगआवेदन देना पड़ता है। अगर एक ही अभ्यर्थी माध्यमिक और उच्च माध्यमिक दोनों परीक्षा में पास है तो उसे दोनों के लिये एक ही नियोजन इकाई में अलग -अलग आवेदन देना पड़ता है। इस तरह से एक ही अभ्यर्थी सौ से अधिक आवेदन दे सकता है। इसके बाद मेधा अंक बनाया जाता है। इस प्रक्रिया में समय और खर्च दोनों की बर्बादी होती है।

मामला यहीं से पेचीदा हो जाता है। क्योंकि सभी अभ्यर्थी सभी जिले के नियोजन इकाइयों में आवेदन कर देते हैं ।परिणाम स्वरूप सभी इकाइयों में एक ही अभ्यर्थी मेधा सूची में आ जाते हैं। अब जिन अभ्यर्थियों का मेधा अंक कम होता है उनके पास यह समस्या हो जाती है की वे कहां जायें जिससे उनका नियोजन हो जाय्। इसी नियोजन प्रक्रिया के जाल में रिक्तियां खाली रह जाती है।

STET पास अभ्यर्थियों की यह है माँग 

स्टेट शिक्षक पात्रता परीक्षा पास अभ्यर्थियों की लम्बे समय से माँग रही है की नियोजन की इस प्रक्रिया को सरल बनाया जाय्। उनसे नियोजन के लिये जो आवेदन माँगी जाती है उसे ऑनलाइन किया जाय और एक अभ्यर्थी एक आवेदन लिया जाय्। अर्थात नियोजन को सेंटरलाईज किया जाय्। उनकी दूसरी प्रमुख माँग यह है की सरकार 31दिसंबर 2018 तक के उन सभी स्कूलों की रिक्तियों को जोड़कर बहाली करे जो स्कूल उत्क्रमित किये गये हैं। सभी नवउत्क्रमित स्कूलों के पदों का सृजन किया जाय फिर बहाली हो ।

STET पास अभ्यर्थी संघ के संरक्षक आदित्य नारायण पाण्डेय एवं अध्यक्ष धनंजय कुमार का इस मुद्दे पर कहना है कि सरकार सबकुछ जानकार भी वोट के लोभ में यह सब कर रही है। बहाली के माध्यम से वह केवल अपना प्रचार करना चाहती है।सरकार से लेकर अधिकारियों तक हमलोगों ने कई बार यह माँग की है की बिना रिक्ती के बहाली का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने कहा की जिलों से जो रिक्तियां आई है आप देख सकते हैं ।खासकर सोशल साइंस और उच्च विधालयो में इतिहास के रिक्तियों को देखने से यह पता चल जायेगा । इन दोनों विषयों में रिक्तियां नगण्य हैं । अब इन सारी समस्याओं को लेकर अभ्यर्थी भी सरकार से आर -पार के मूड में आ गये हैं और 19 अगस्त से STET पास अभ्यर्थियों का संघ धरना -प्रदर्शन एवं अनशन करने जा रही है।

जे. पी चंद्रा की रिपोर्ट

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