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बिहार में 1.25 लाख शिक्षकों की बहाली का रास्ता हो सकता है अब साफ़.

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सिटी पोस्ट लाइव :  बिहार सरकार ने दिव्यांग अभ्यर्थियों को चार प्रतिशत आरक्ष का लाभ देने का पटना हाईकोर्ट में हलफनामा दायर किया है. शिक्षा मंत्री के अनुरोध पर बुधवार को महाधिवक्ता ललित किशोर ने एक बार फिर से मामले की ओर हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश का ध्यान आकृष्ट किया. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने कोर्ट में हलफनामा दायर करके यह वचन दिया है कि दिव्यांग अभ्यर्थियों को चार प्रतिशत आरक्षण का लाभ दिया जाएगा. इस मामले पर फैसला आते ही बिहार में एक लाख 25 हजार माध्यमिक और प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्ति पर लगी कोर्ट की रोक हट सकती है.

दिव्यांग अभ्यर्थियों को चार प्रतिशत आरक्षण की मांग को लेकर याचिका ब्लाइंड एसोसिएशन ने दायर की है. याचिका में शिक्षकों की नियुक्ति में दिव्यांग अभ्यर्थियों को चार फीसदी आरक्षण का लाभ देने की मांग की गई है. इस याचिका के बाद पटना हाई कोर्ट ने फैसला होने तक करीब सवा लाख शिक्षकों की नियुक्ति पर रोक लगा दी थी.महाधिवक्ता ने कोर्ट से कहा कि सरकार ने याचिकाकर्ता की मांग मान ली है. इसलिए शिक्षकों की बहाली अब रोकने का कोई औचित्य नहीं है. इस पर मुख्य न्यायाधीश ने कोर्ट मास्टर को सम्बंधित फाइल पेश करने का निर्देश दिया. उम्मीद है कि अब जल्द सुनवाई के बाद शिक्षक नियुक्ति का रास्ता साफ हो जाएगा.

गौरतलब है  कि बिहार सरकार शिक्षकों की नियुक्ति के दौरान अनियमितताओं को रोकने के लिए नियोजन प्रक्रिया में कुछ बदलाव कर सकती है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार , शिक्षा विभाग अब इस नियुक्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन लेने की तैयारी कर रहा है. नियोजन की पूरी प्रक्रिया कड़ी निगरानी में की जाने की जायेगी. केवल आवेदन ही नहीं बल्कि मेरिट लिस्ट भी ऑनलाइन ही तैयार किया जायेगा. न्यायालय के तरफ से हरी झंडी मिलते ही इनकी काउंसलिंग प्रक्रिया शुरु हो जायेगी. इन उम्मीदवारों के प्रमाण पत्रों की जांच करायी जायेगी और उसके बाद ही नियुक्ति पत्र दिया जायेगा. पहले की व्यवस्था में नियुक्ति पत्र मिलने के बाद ही प्रमाण-पत्र को जांचा जाता था.

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