By, Shrikant Pratyush
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शिक्षा व्यवस्था की बदहाल तस्वीर, तीन शिक्षकों के भरोसे चल रहा मध्य विद्यालय

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इस विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने बताया कि शिक्षकों की कमी के कारण इस विद्यालय में छात्र आना पसंद नहीं करते हैं. कई छात्र-छात्राओं को शिक्षक की कमी के कारण पठन-पाठन के लिए पूरी तरह से ट्यूशन पर आत्म निर्भर रहना पड़ रहा है. वही वहां के रसोईया आरती देवी,

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शिक्षा व्यवस्था की बदहाल तस्वीर, तीन शिक्षकों के भरोसे चल रहा मध्य विद्यालय

सिटी पोस्ट लाइव : मुंगेर के तारापुर प्रखंड अंतर्गत मध्य विद्यालय नारायणपुर में शिक्षकों की कमी के कारण पढ़ाई जैसे-तैसे हो रही है. इस स्कूल में प्रधानाध्यापक सहित मात्र 3 शिक्षक हैं. सरयुग प्रसाद, रंजन कुमार चौधरी, कुमारी उषा इन तीनों के ही भरोसे मध्य विद्यालय चल रहा है. गौरतलब है कि जहां बिहार सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की बात कर रही है वहीं दूसरी ओर शिक्षकों की कमी के कारण छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही है. इस विद्यालय में वर्ग प्रथम से वर्ग अष्टम तक में मात्र 154 छात्र नामांकित हैं.वही इस विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने बताया कि शिक्षकों की कमी के कारण इस विद्यालय में छात्र आना पसंद नहीं करते हैं. कई छात्र-छात्राओं को शिक्षक की कमी के कारण पठन-पाठन के लिए पूरी तरह से ट्यूशन पर आत्म निर्भर रहना पड़ रहा है. वही वहां के रसोईया आरती देवी, पुष्पा देवी और रंजना देवी ने बताया कि 4 महीने बीत जाने के बाद भी उन लोगों को अभी तक पैसे भी प्राप्त नहीं हुए हैं. जबकि इन लोगों को 1 महीनों में मात्र 1250 रूपये मिलते हैं. तीनों रसोइया ने बताया कि इनका घर किसी तरह से चल रहा है अगर पैसे नहीं मिलते हैं तो ये लोग सड़क पर आ जाएंगे.बताते चलें स्कूल में मध्य विद्यालय नारायणपुर के शिक्षक इसे लेकर कई वार अवर शिक्षा अधिकारीयों को आवेदन दे चुके हैं, लकिन अबतक कोई भी कार्रवाई नहीं हुई है. गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की बात तो की जाती है लेकिन दृश्य इस मध्य विद्यालय का सामने आया है, उससे साफ़ जाहिर होता है कि बिहार में अब भी शिक्षा का स्तर बिल्कुल निम्न है. बता दें इससे पहले सहरसा के एक रिहायशी इलाके पूरब बाजार स्थित राजकीय कन्या उच्च विद्यालय की बेशर्म शिक्षा व्यवस्था की बदरंग तस्वीर सामने आ चुकी है. जहां ना चारदीवारी है और  ना पीने के लिए पानी की व्यवस्था. गंदगी के बीच दो कमरों में 740 बच्चियाँ पढ़ती हैं. हालांकि इस विद्यालय में शिक्षकों की कमी नहीं, कमी है तो क्लास रूम की.

मुंगेर से अभिषेक कुमार की रिपोर्ट

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