By, Shrikant Pratyush
News 24X7 Hour

चंद्रयान 2: विक्रम का संपर्क टूटने के बाद पीएम मोदी ने कहा-हौसला कमजोर नहीं मजबूत हुआ

- sponsored -

0

चंद्रयान 2: विक्रम का संपर्क टूटने के बाद पीएम मोदी ने कहा-कुछ रुकावटें आई हैं, लेकिन इससे हमारा हौसला कमज़ोर नहीं पड़ा है. और मज़बूत हुआ है.आज हमारे रास्ते में एक आख़िरी क़दम में रुकावट आई हो लेकिन हम अपनी मंजिल से डिगे नहीं हैं.अपनी योजना के मुताबिक़ नहीं जा पाए. अगर कोई कवि या साहित्यकार लिखेगा तो यही कहेगा कि आख़िरी क़दम पर चंद्रयान चंद्रमा को गले लगाने दौड़ पड़ा.हमारा हौसला कमजोर नहीं बल्कि और मजबूत हुआ है.

Below Featured Image

-sponsored-

चंद्रयान 2: विक्रम का संपर्क टूटने के बाद पीएम मोदी ने कहा-हौसला कमजोर नहीं मजबूत हुआ

सिटी पोस्ट लाइव : भारतीय अंतरिक्ष वैज्ञानिकों की उपलब्धि को देखने और उनका हौसला बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बेंगलुरु में इसरो के मुख्यालय पहुँचे थे.लेकिन चंद्रयान-2 के विक्रम लैंडर का संपर्क चांद की सतह पर उतरने से थोड़ी देर पहले टूट गया.पीएम मोदी ने वैज्ञानिकों का हौसला बढाते हुए कहा कि जीवन में उतार-चढ़ाव आता रहता है.इसके बाद उन्होंने शनिवार को इसरो के मुख्यालय से देश को संबोधित किया.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि पूरा देश हमारे वैज्ञानिकों के साथ रात भर लगा हुआ था. पूरा देश गर्व महसूस कर रहा है.इस मिशन से जुड़ा हर व्यक्ति अलग ही अवस्था में था. बहुत से सवाल थे. हम सफलता से आगे बढ़ रहे थे. अचानक सब कुछ नज़र आना बंद हो गया. मैंने भी उन पलों को आपके साथ जिया है.जब संपर्क टूट गया था तब आप सब हिल गए थे. क्यों हुआ, कैसे हुआ?बहुत सी उम्मीदें थीं. आपको लग रहा था कि कुछ तो होगा. पल-पल आपने बड़ी बारीकी से इसे बढ़ाया था.

Also Read

-sponsored-

कुछ रुकावटें आई हैं, लेकिन इससे हमारा हौसला कमज़ोर नहीं पड़ा है. और मज़बूत हुआ है.आज हमारे रास्ते में एक आख़िरी क़दम में रुकावट आई हो लेकिन हम अपनी मंजिल से डिगे नहीं हैं.अपनी योजना के मुताबिक़ नहीं जा पाए. अगर कोई कवि या साहित्यकार लिखेगा तो यही कहेगा कि आख़िरी क़दम पर चंद्रयान चंद्रमा को गले लगाने दौड़ पड़ा.चंद्रमा को आगोश में लेने की इच्छा शक्ति और भी प्रबल हुआ है.हमारे अंतरिक्ष कार्यक्रम का सर्वश्रेष्ठ अभी आना बाक़ी है, देश को इसका पूरा भरोसा है.पूरा भारत आपलोगों के साथ है क्योंकि आप लोग शानदार प्रोफेशनल हैं.

पीएम ने कहा कि आप लोग मक्खन पर लकीर खींचने वाले लोग नहीं हैं, बल्कि पत्थर पर लक़ीर खींचने वाले लोग हैं.हर मुश्किल, हर संघर्ष, हर कठिनाई, हमें कुछ नया सिखाकर जाती है, कुछ नए आविष्कार, नई टेक्नॉलजी के लिए प्रेरित करती है और इसी से हमारी आगे की सफलता तय होती हैं.ज्ञान का अगर सबसे बड़ा शिक्षक कोई है तो वो विज्ञान है. विज्ञान में विफलता कुछ नहीं होती, केवल प्रयोग और प्रयास होते हैं.हम निश्चित रूप से सफल होंगे. इस मिशन के अगले प्रयास में भी और इसके बाद के हर प्रयास में भी कामयाबी हमारे साथ होगी.हमारा हौसला कमजोर नहीं बल्कि और मजबूत हुआ है.

-sponsered-

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

-sponsored-

Leave A Reply

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More